रहन-सहन
'खुशियों' की इंस्टेंट डिलीवरी चाहिए या 'सुकून' वाली लग्जरी तो साल में एक बार ट्रेन यात्रा करके देखिए
सहूलियत से भरी यात्रा से इतर, एक सुकून भरी यात्रा करने का मौका हाल ही में हुआ, जब मुंबई से जोधपुर की यात्रा हमने ट्रेन से की। 15 घंटे के इस सफर में, कुछ अनोखे अनुभव मिले, अनोखे इस लिहाज से कि इस दौर में सबकुछ इंस्टेंट मिलने की होड़ में एक तसल्ली, चीजों की कम बर्बादी और लोगों के पास, दूसरे लोगों के लिए कुछ फुर्सत के पल थे साझा करने के। तो, क्यों जरूरी है साल में कम से कम एक बार भारत में ट्रेन की यात्राएं करना, जो भी खास अनुभव रहे हैं, उन्हें यहां ज्यों का त्यों साझा कर रहे हैं।
अनुप्रिया वर्मा | जून 14, 2024