गर्मी का मौसम आने के साथ सफेद अंगूर और काले अंगूर भी सेहत के लिए बेहतरीन पर्याय बन जाते हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि हरे हो या काले इन सभी अंगूर को खरीदने का एक तरीका होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि हरे और काले अंगूर का सेहत के लिए फायदा क्या है और इसे खरीदने का सही तरीका क्या है।
हरे अंगूर को खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

आपको हरे अंगूर को खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखना है कि हल्के-पीले रंग के अंगूर ज्यादा मीठे होते हैं। हमेशा इस बात का ध्यान रखना है कि अंगूर का डंठल हरा और लचीला होना चाहिए, इससे यह पता चलता है कि अंगूर ताजा होने की निशानी है। सूखा या भूरा डठंल पुराने अंगूर होने की निशानी है। हमेशा अंगूर का गुच्छा भारी और घना होना चाहिए। ताजे अंगूर से हल्की मीठी सुंगध आती है। सिकुड़े हुए, गीले या फफूंदी लगे अंगूरों से बचना चाहिए। हमेशा ज्यादा खाली या टूटे हुए गुच्छे न लें। काले धब्बे या फंगस वाले अंगूर को नहीं खरीदना चाहिए। इसका यह फायदा होता है कि अंगूर के सेवन से शरीर में पानी की कमी दूर होती है। शरीर को अंदर से ठंडक भी मिलती है। विटामिन सी होता है, जो कि इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। यह डाइजेशन को भी अच्छा रखता है। पेट को साफ रखने में मदद करता है। अंगूर में कैलोरी लो होती है, जो कि वजन कम करने में भी सहायक होती है। चेहरे की त्वचा के लिए भी अंगूर का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
काले अंगूर को खरीदने का तरीका

गहरे बैंगनी या लगभग काले रंग के अंगूर सबसे मीठे होते हैं। अंगूर पर हल्की सफेद पाउडर जैसी परत होती है, जो कि ताजा और प्राकृतिक अंगूर की निशानी होती है। अंगूर की टहनी हरी और लचीली होनी चाहिए। अंगूर हमेशा पका और सख्त होना चाहिए। अगर काले अंगूर पर हल्की चमक दिखाई देती है, तो यह ताजगी का संकेत होता है। हमेशा बहुत नरम या पिचके हुए अंगूर न लें। सूखा या भूरा डंठल का होना पुराने अंगूर का संकेत होता है।
काले अंगूर का सेहत के लिए फायदा

हरे अंगूर की तरह काला अंगूर भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। जानकारों का मानना है कि काला अंगूर दिल की सेहत के लिए काफी अच्छा माना गया है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन और रेस्वेराट्रोल खून के संचार के कार्यों में सुधार करता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करता है। साथ ही यह आंखों के लिए काफी अच्छा माना गया है। इसमें मौजूद ल्यूटिन आंखों के लिए काफी अच्छा माना गया है। विटामिन सी की उच्च मात्रा होने के कारण यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जो कब्ज को दूर करने में और पेट की समस्याओं को सुधारने में सहायक होता है। हालांकि डायबिटीज के रोगियों को इसका सेवन डॉक्टर की परामर्श पर ही करना चाहिए।
हरे और काले अंगूर में सबसे अधिक बेहतर कौन है?

जानकारों का कहना है कि हरे अंगूर से अधिक काले अंगूर सेहतमंद माना जाता है। यह माना गया है कि काले अंगूर में ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह दिल की सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है। साथ ही त्वचा और बाल की सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। इस वजह से काले अंगूर को अधिक फायदेमंद माना जाता है। हरे रंग के अंगूर के बारे में बात की जाए, तो यह हल्के और आसानी से पच जाता है। शरीर को अंदरूनी तौर पर ठंड और हाइड्रेशन देता है। साथ ही गर्मी में अधिक आरामदायक माना जाता है।
हरे अंगूर से जुड़ी सावधानियां विस्तार से

अंगूर से जुड़ी हुई सावधानी यह है कि अंगूर पर काफी कीटनाशक होते हैं। ऐसे में आपको अंगूर को खाने से 2 से 3 घंटे पानी में भिगो कर रखना है। इसके बाद ही खाने में इसका इस्तेमाल करना है। आप चाहें,तो हल्के नमक या बेकिंग सोडा वाले पानी में 10 मिनट भिगो लें। आपको यह भी ध्यान रखना है कि अंगूर में प्राकृतिक शुगर ज्यादा होती है। इसका सेवन अधिक करने से पेट में दर्द होता है। गैस या दस्त की समस्या भी हो सकती है। साथ ही ब्लड शुगर भी बढ़ने की समस्या आ सकती है। यह ध्यान रखें कि अंगूर से कई लोगों को एलर्जी हो सकती है। इसका यह लक्षण होता है कि इससे खुजली, सूजन और रैश की समस्या हो सकती है। अंगूर को लेकर केवल इतनी सी बात ध्यान देना है कि इसका सेवन हमेशा साफ तरीके से करना है।
काला अंगूर और हरा अंगूर का सेवन कैसे करें
आप काला अंगूर और हरे अंगूर का सेवन आप कई तरह से कर सकती हैं। काले और हरे अंगूर का सेवन आप सुबह या दोपहर के खाने में अच्छी तरह से कर सकती हैं। अंगूर का सेवन खाली पेट ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए। रात में अधिक खाने से पाचन की समस्या हो सकती है। आप हर दिन एक कप अंगूर का सेवन कर सकती हैं। जानकारों का यह भी मानना है कि अगर काले और हरे अंगूर का सेवन एक साथ किया जाए,तो इससे पाचन में सहायता मिलती है और दोनों को मिलाकर खाने से डबल फायदा मिलता है।