img
settings about us
  • follow us
  • follow us
write to us:
Hercircle.in@ril.com
terms of use | privacy policy � 2021 herCircle

  • होम
  • the strongHER movement
  • bizruptors
  • कनेक्ट
  • एन्गेज
  • ग्रो

search

search
all
communities
people
articles
videos
experts
courses
masterclasses
DIY
Job
notifications
img
Priority notifications
view more notifications
ArticleImage
home / engage / स्वास्थ्य / न्यूट्रिशन

आयुर्वेदिक की सबसे लोकप्रिय औषधि ‘उस्तुखुद्दुस’, जानें विस्तार से

टीम Her Circle |  January 19, 2026

उस्तुखुद्दुस, यह नाम सुनने में आपको अलग और मुश्किल लग रहा होगा। लेकिन यह एक तरह की आयुर्वेदिक और यूनानी औषधि है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सबसे अधिक होता है और यह लोकप्रिय भी है। उस्तुखुद्दुस एक तरह का औषधीय पौधा है। इसका प्रयोग आयुर्वेद, यूनानी तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में प्राचीन युग से किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार इस औषधि का उपयोग पाचन तंत्र तथा मानसिक रोगों के उपचार के लिए अधिक किया जाता है। 

क्या है इस औषधि की खूबी

यह पौधा मुख्यतः भूमध्यसागरीय देशों, यूरोप, ईरान तथा कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में इसका प्रयोग मुख्य रूप से आयातित रूप में होता है। उस्तुखुद्दुस एक सुगंधित झाड़ीदार पौधा है, जिसकी ऊँचाई लगभग 1 से 3 फीट तक होती है। इसके पत्ते लंबे, पतले तथा हल्के हरे रंग के होते हैं। फूल बैंगनी या नीले रंग के होते हैं और अत्यंत सुगंधित होते हैं। औषधि के रूप में इसके फूल और कभी-कभी पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। अगर आप इस पौधे का सेवन करती है, तो इसका स्वाद कड़वा या फिर तीखा होता है। यह शरीर में होने वाले कफ दोष को शांत करता है। साथ ही शरीर में वात को भी संतुलित करता है। 

औषधि गुण

उल्लेखनीय है कि उस्तुखुद्दुस में एक नहीं बल्कि कई सारी खूबी होती है। इसमें कई सारे गुण पाए जाते हैं। यह एक तरह से मस्तिष्क को शुद्ध करता है। इसके साथ ही सूजन और शरीर में होने वाले दर्द से भी राहत देता है। आयुर्वेद के जानकारों का मानना है कि यह दिमाग संबंधी सभी समस्याओं में असरदार तरीके से काम करता है। 

कफ और दिमाग के लिए लाभदायक

खासतौर पर सिरदर्द, माइग्रेन, अवसाद, चिंता, मानसिक थकावट और नींद न आने की समस्या से राहत देता है। यहां तक कि स्मरण शक्ति को बढ़ाने में भी सहायक होता है। नियमित मात्रा में उस्तुखुद्दुस के सेवन से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। अपच, गैस, पेट दर्द और भूख न लगना जैसी समस्याओं में उपयोगी होता है। यह पाचन को भी संतुलित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। सर्दी, खांसी, दमा या फिर बलगम जमने पर भी यह काफी अच्छे तरीके से काम करता है। 

त्वचा रोगों के लिए उपयोगी

उस्तुखुद्दुस आपकी त्वचा के लिए भी काम करता है। उस्तुखुद्दुस का बाहरी प्रयोग त्वचा के रोगों के लिए भी किया जाता है। खुजली, सूजन और फोड़े और फुंसी के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। महिलाओं से जुड़े रोगों के लिए भी उस्तुखुद्दुस काफी अच्छे तरीके से काम करता है। लेकिन इसके लिए आपको जानकारों की सहायता लेनी चाहिए। 

उस्तुखुद्दुस का उपयोग करने का कई सारे तरीके हैं

इसका चूर्ण बनाकर भी इसका उपयोग किया जाता है। इसके लिए 1 से 3 ग्राम उस्तुखुद्दुस लेना है और फिर आप इसका सेवन शहद या फिर गुनगुने पानी के साथ कर सकती हैं। उस्तुखुद्दुस का काढ़ा भी बनाया जा सकता है। इसके लिए उस्तुखुद्दुस के फूलों को पानी में उबालकर इसका सेवन किया जाता है। सिरदर्द में यह असर करता है। लेकिन किसी जानकार से सलाह लेकर ही उस्तुखुद्दुस का सेवन सीमित मात्रा में करें। उस्तुखुद्दुस का तेल भी काफी उपयोगी होता है। सिर की मालिश में इसका प्रयोग किया जाता है। सिरदर्द, तनाव और नींद न आने की समस्या में राहत मिलती है। उल्लेखनीय है कि मस्तिष्क को शांत करने, सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदान करते हैं। यही कारण है कि अरोमाथेरेपी में भी लैवेंडर का उपयोग किया जाता है।

उस्तुखुद्दुस सेवन से जुड़ी सावधानियां



उस्तुखुद्दुस के सेवन से जुड़ी कई सारी सावधानियां हैं। जिसका ध्यान आपको जरूरी रखना चाहिए। बहुत जरूरी है कि इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं चिकित्सक की सलाह से ही लें। जिन भी लोगों को पित्त की समस्या है, उन्हें इसका सेवन बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए। कुल मिलाकर देखा जाए, तो उस्तुखुद्दुस एक बहुउपयोगी, प्रभावशाली और प्राचीन औषधि है, जो विशेष रूप से मस्तिष्क, मानसिक स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होती है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में इसका विशेष स्थान है। सही मात्रा और उचित विधि से सेवन करने पर यह अनेक रोगों में प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार प्रदान करता है।

सेहत के लिए जरूरी औषधि कौन-सी है?

उस्तुखुद्दुस के अलावा कई सारी औषधि हैं, जो कि काफी लाभदायक होती हैं। त्रिफला सेहत के लिए काफी लाभदायक होती है। त्रिफला एक तरह से पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कब्ज को भी दूर करती है। आप यह भी समझ सकती हैं कि यह शरीर की सफाई यानी कि डिटॅाक्स करती है। यह आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है। आंखों और त्वचा के लिए भी काफी लाभदायक होती है। अश्वगंधा एक तरह से ताकत देता है। शरीर को शक्ति देने के साथ मानसिक तनाव व चिंता कम करता है और आपकी नींद को भी सुधारता है। यह पुरुष और महिला दोनों के लिए लाभकारी होता है। आपके इसका सेवन 3 से 5 ग्राम दूध के साथ रात में करना चाहिए। गिलोय भी आपकी सेहत के लिए लाभकारी होता है। गिलोय एक रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाली औषधि है, जो कि इम्यूनिटी को बढ़ाता है। बुखार, सिर दर्द और खांसी में भी लाभदायक होता है। आंवला के गुण कई सारे होते हैं और इसे भी आप सेहत की औषधि कह सकती हैं। आंवला एक तरह से विटामिन सी से भरपूर होता है। बालों और त्वचा के लिए भी काफी लाभदायक होता है। इसके अलावा पाचन और आंखों के लिए भी काफी लाभदायक होता है। यह एक तरह से इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। शारीरिक कमजोरी को दूर करने का काम भी शिलाजीत करता है। थकान और कमजोरी को भी कम करता है। हल्दी भी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक होता है। यह भी एक तरह से इम्यूनिटी को बढ़ाता है। आपको इस बात का ध्यान देना है कि आप किसी भी औषधि का इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच करें और फिर उसके बाद आपको इसका उपयोग करना है और हमेशा किसी जानकार की सहायता से आपको औषधि का इस्तेमाल खुद को सेहतमंद रखने के लिए करना है।

शेयर करें
img
लिंक कॉपी किया!
edit
reply
होम
हेल्प
वीडियोज़
कनेक्ट
गोल्स
  • © herCircle

  • फॉलो अस
  • कनेक्ट
  • एन्गेज
  • ग्रो
  • गोल्स
  • हेल्प
  • हमें जानिए
  • सेटिंग्स
  • इस्तेमाल करने की शर्तें
  • प्राइवेसी पॉलिसी
  • कनेक्ट:
  • email हमें लिखें
    Hercircle.in@ril.com

  • वीमेंस कलेक्टिव

  • © 2020 her circle