होली पर ऐसे रखें खान-पान का ध्यान, जानें एक्सपर्ट की राय
होली के दौरान एक तरफ जहां रंग का माहौल होता है, वहीं खाने की थाली में स्वाद का खजाना भी बिखरा होता है। लेकिन सबसे जरूरी है कि आप किस तरह होली के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखती हैं। होली भारत का एक ऐसा पर्व है जो रंग, उमंग, मिलन और मिठास का प्रतीक है। लेकिन अक्सर त्योहारों के दौरान हमारी खानपान की आदतें असंतुलित हो जाती हैं। अत्यधिक मिठाइयां, तली-भुनी चीज़ें, मीठी ठंडाई और अनियमित समय पर भोजन और ये सब मिलकर पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन त्योहार का असली आनंद तभी है जब हम स्वस्थ भी रहें। आइए जानते हैं डायटीशियन अमिता तांबेकर से विस्तार से।
मिठाई में संतुलन जरूरी
अमिता कहती हैं कि होली पर गुजिया, मालपुआ, लड्डू और ठंडाई का आकर्षण स्वाभाविक है। लेकिन अधिक शक्कर और घी का सेवन रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ा सकता है और बाद में थकान, सुस्ती या अपच की समस्या दे सकता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप संतुलन बनाकर रखें। एक बार में बहुत अधिक मिठाई लेने के बजाय छोटी मात्रा में स्वाद लें। कोशिश करें कि मिठाई खाने के साथ थोड़ी प्रोटीन या फाइबर युक्त चीज़ (जैसे मुट्ठी भर मेवे) भी लें, ताकि शुगर स्पाइक कम हो।डायबिटीज या प्री डायबिटीज के मरीज विशेष सावधानी रखें।
खाली पेट उत्सव न मनाएं
अमिता यह भी कहती हैं कि खाली पेट त्योहार का आनंद नहीं उठाया जा सकता है। उनका कहना है कि कई लोग सुबह सीधे रंग खेलने निकल जाते हैं और फिर अत्यधिक भूख लगने पर ओवरईटिंग कर बैठते हैं।घर से निकलने से पहले हल्का लेकिन संतुलित नाश्ता करें — जैसे वेज पोहा, उपमा, दलिया या मूंग चीला। इससे दिनभर ऊर्जा बनी रहेगी और अनियंत्रित खाने से बचाव होगा।
हाइड्रेशन है सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
होली पर पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। अमिता बताती हैं कि रंग खेलने, धूप और भागदौड़ के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। मीठे पेयों की जगह सादा पानी, नींबू पानी या छाछ बेहतर विकल्प हैं।अत्यधिक मीठी या अल्कोहल युक्त ठंडाई से बचें।
तले-भुने स्नैक्स से सावधानी
अमिता कुछ सावधानी रखने की भी सलाह देती हैं। उनका कहना है कि होली पर नमकीन, कचौरी, समोसा और चिप्स जैसे स्नैक्स आसानी से ज़्यादा मात्रा में खा लिए जाते हैं।
तले हुए स्नैक्स की जगह भुना चना, मखाना, मूंगफली या ड्राई फ्रूट्स चुनें। मात्रा पर ध्यान दें, “थोड़ा सा” ही पर्याप्त है। उन्होंने आगे कहा कि अगले दिन का ध्यान भी उतना ही जरूरी
त्योहार के बाद कई लोग अचानक डिटॉक्स या उपवास शुरू कर देते हैं, जो शरीर के लिए सही नहीं है।अगले दिन हल्का, सुपाच्य और घर का बना भोजन लें। हरी सब्जियां, दाल, सलाद और पर्याप्त पानी शामिल करें। नियमित दिनचर्या में धीरे-धीरे वापस आएं।
माइंडफुल ईटिंग अपनाएं
अमिता का कहना है कि त्योहार के दौरान खान-पान को लेकर माइंडफुल होना जरूरी है। त्योहार का आनंद केवल खाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए समय में है।प्लेट भरने से पहले सोचें कि “क्या मुझे सच में इतनी मात्रा की जरूरत है?”धीरे-धीरे खाएं और स्वाद का आनंद लें।होली का असली रंग संतुलन में है।त्योहार का आनंद लीजिए, लेकिन याद रखिए —
“स्वाद कुछ पल की खुशी देता है, पर सेहत जीवनभर का उत्सव है।”
इस होली, रंगों के साथ-साथ अपने शरीर को भी प्यार और सम्मान दीजिए।
होली के लिए सेहतमंद डिश की लिस्ट
आप होली के दौरान कई सारी सेहतमंद चीजें बना सकती हैं। दही भल्ला एक अच्छा पर्याय है। दही भल्ला तला हुआ बनाने की बजाय भल्लों को बेक या एयर-फ्राई करें। आप ऊपर से मीठी चटनी या फिर हरी चटनी का इस्तेमाल करें। दही अधिक इस्तेमाल करें। आप होली के मौके पर मल्टीग्रेन गुझिया भी बना सकती हैं। मैदा की जगह गेहूं या मल्टीग्रेन आटा लें। भरावन में सूखे मेवे, नारियल और कम गुड़/खजूर का इस्तेमाल करें।बिना चीनी के—खजूर, अंजीर, बादाम, कद्दू के बीज, तिल से बनाएं। लो-फैट दूध या बादाम दूध में घर की बनी ठंडाई मसाला (सौंफ, काली मिर्च, इलायची, बादाम) डालें। चीनी की जगह शहद या खजूर पेस्ट लें। आप चाट भी बना सकती हैं। अंकुरित मूंग/चना, टमाटर, प्याज, नींबू और हरी चटनी के साथ। आप पनीर टिक्का भी बना सकती हैं। तले बिना ग्रिल या तवे पर कम तेल में बना सकती हैं। आप शकरकंद चाट भी बना सकती हैं। इसके लिए उबली शकरकंद, नींबू, काला नमक और अनार के दाने एक साथ मिलाएं। इस तरह की रेसिपी के साथ आप अपनी होली की सेहतमंद शुरुआत कर सकती हैं।