अक्सर ऐसा होता है कि प्रोटीन का नाम सुनते ही, हमारे सामने कई सारी महंगी चीजें आ जाती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आप कई सारी घरेलू चीजों और आसान रेसिपी के साथ भी खुद के लिए प्रोटीन से भरी हुई थाली तैयार कर सकती हैं। डायटीशियन अमिता तांबेकर से जानते हैं कि कैसे आप खुद के लिए डाइट में प्रोटीन को शामिल कर सकती हैं।
दाल , चावल या खिचड़ी

अमिता बताती हैं कि खिचड़ी प्रोटीन युक्त होता है। दाल और चावल एक साथ मिलकर अच्छी गुणवत्ता से युक्त प्रोटीन खाना बनता है। अक्सर यह देखा गया है कि चेहरे और शरीर की त्वचा के लिए कोलेजन सप्लीमेंट का बहुत अधिक इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हो, lysine Collagen बनाने में मदद करता है, जो त्वचा और हड्डियों के लिए जरूरी है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। दाल और चावल में यह सब मिलता है और इससे यह भी होता है कि पेट लंबे समय तक भरा रखता है और बच्चों और बुजुर्गों के लिए आसानी से पचने वाला भी होता है। आप यह कह सकती हैं कि खिचड़ी आपके लिए आसान से बनने वाला आम लेकिन खास प्रोटीन युक्त खाना है, जो कि आपकी खाने की थाली के लिए परफेक्ट है।
अंडा

अंडा भी आपको आसानी से बाजार में किफायती दाम पर मिल जाता है। इसलिए अंडा को पूर्ण रूप से प्रोटीन युक्त माना जाता है, क्योंकि इसमें सभी तरह के एमिनो एसिड होते हैं, जो कि शरीर की ग्रोथ और मसल्स को ठीक करने के लिए जरूरी माना जाता है। इसके साथ ही ब्रेकफास्ट को ज्यादा फिलिंग बनाता है और एक बहुत ही आसान और जल्दी मिलने वाला प्रोटीन का पर्याय मिल जाता है। आप अंडा को उबाल कर, आमलेट के फॅार्म में, भुर्जी बनाकर या फिर करी के फॉर्म के साथ पुलाव में डालकर भी बनाया जा सकता है।
सोया

पनीर से सस्ता सोया होता है और इसका उपयोग आप प्रोटीन में कई तरह से कर सकती हैं। सोया प्लांट बेस्ड प्रोटीन माना जाता है क्योंकि इसमें सभी तरह से अमीनो एसिड पाए जाते हैं।शाकाहारी लोगों के लिए एक अच्छा प्रोटीन विकल्प होता है। सोया चंक्स , सोया फ्लोर या फिर सोया मिल्क का सेवन कर सकती हैं।
स्प्राउट्स और लेग्यूम सलाद

स्प्राउट्स जैसे कि छोला मूंग, काला चना में प्रोटीन, फाइबर और आयरन पाए जाते हैं। यह प्रोटीन के साथ डाइजेशन में भी बेहतर हो सकता है। एक सेहतमंद नाश्ते का पर्याय यह बन सकता है। पेट लंबे समय तक भरा रखने में और ब्लड शुगर को बैलेंस करने में भी बहुत ही मदद करता है। यह गट हेल्थ और एनर्जी के लिए भी अच्छा पर्याय बन जाता है।
दही

दही में प्रोटीन और प्रोबायोटिक रहते हैं, जो गट हेल्थ को भी सपोर्ट करता है। यह डाइजेशन को भी बेहतर रखने में मदद करता है। विटामिन बी 12 बनाने वाले सेहतमंद बैक्टीरिया के लिए भी दही का सेवन अच्छा है। गर्मियों में शरीर को अंदरूनी तौर पर राहत दही देता है। जिनको दूध पीना अच्छा नहीं लगता उनके लिए भी दही अच्छा ऑप्शन हो सकता है। दही को आप सब्जी की ग्रेवी में मलाई के जगह रेप्लस कर सकते हो। रायता , फ्रूट डालके फ्रूट सलाद, सलाद की ड्रेसिंग , चटनी में आप दही डालते हो तो आपके डिश का प्रोटीन कंटेंट बढ़ जाता है।