मखाना सेहत का खजाना है और अगर आप इसे अपने बच्चे के डायट में शामिल करती हैं, तो यह काफी शानदार तरीके से आपके लिए काम करता है। जी हां, बच्चों के लिए मखाना खाने के कई सारे फायदे हैं। अक्सर यह भी देखा गया है कि 2 साल की उम्र से अगर आप बच्चों को मखाना देती हैं, तो यह उनका पसंदीदा स्नैक्स बन सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं, खासतौर पर बच्चों के लिए मखाने के फायदे।
जानें क्या होता है मखाना?

मखाना कमल के बीजों से प्राप्त होता है। कमल का बीज सेहत के लिए लाभकारी होता है। कमल के बीज से मखाना को बनाने के लिए इसे सुखाकर और भूनकर खाया जाता है। मखाना देखने में पाॅपकाॅर्न जैसा लगता है। इस वजह से बच्चों को यह अधिक पसंद आता है। दिलचस्प है कि आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन दोनों ही मखाने के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। मखाने में एक नहीं बल्कि कई सारे पोषक तत्व होते हैं। मखाना में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस ,फाइबर,एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं। जानकारों का मानना है कि बढ़ते हुए बच्चों को मखाना से कई सारे पोषक तत्व मिलते हैं।
हड्डियों और दांतों के लिए मजबूती

बच्चों को मखाना से कई सारे पोषक तत्व मिलते हैं। बच्चों की हड्डियों और दांत तेजी से विकसित होते हैं, इसके लिए मखाना सबसे जरूरी माना गया है। मखाना में मौजूद कैल्शियम और फॅास्फोरस हड्डियों को काफी मजबूत बनाने में सहायक माना गया है। अगर आप नियमित मखाना अपने बच्चों को खिलाती हैं, तो इससे बच्चों की हड्डियां मजबूत होती हैं और दांत भी स्वस्थ रहते हैं। इससे बच्चों को भविष्य में हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम होता है। खासतौर पर उन बच्चों के लिए मखाना बहुत अधिक फायदेमंद है, जो बढ़ती उम्र के साथ दूध का सेवन कम कर देते हैं।
दिमागी विकास और पाचन तंत्र के लिए सबसे जरूरी

मखाना बच्चों के दिमागी विकास के लिए सबसे अहम माना गया है। मखाना बच्चों के लिए काफी उपयोगी माना गया है। इसमें कई सारे ऐसे पोषक तत्व माने जाते हैं जो कि दिमारी विकास के लिए अच्छा माना जाता है। इसके सेवन से बच्चों की याददाश्त तेज होती है। साथ ही बच्चों का फोकस पढ़ाई में भी अधिक होता है। कई बार ऐसा होता है कि जंक फूड्स या फिर किसी तरह के गलत खान-पान के कारण बच्चों को कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। मखाना का सेवन पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से भी राहत दिलाता है। साथ ही आंतों को भी स्वस्थ रखता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता और एनर्जी को देता है बढ़ावा

मखाना का सेवन करने से बच्चों के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। जानकारों का मानना है कि मखाना का सेवन करने वाले बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहती है। यह माना गया है कि मखाना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शरीर को कई तरह से पोषण देते हैं। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देती है। साथ ही सर्दी और खांसी जैसी वायरल बीमारियों से भी बचाव करता है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो मखाना का सेवन बच्चों के शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाता है। दूसरी तरह से देखा जाए, तो बढ़ती उम्र के साथ बच्चों की शारीरिक गतिविधियां भी बढ़ जाती है। बच्चे दिनभर भागदौड़, खेलकूद और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं। इसके लिए उन्हें लगातार ऊर्जा की जरूरत होती है। मखाना का सेवन से बच्चों को धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है। बच्चों को लंबे समय तक एक्टिव रखता है। साथ ही लगातार एक्टिव रहने से बच्चों को जो थकान होती है, उसे भी मखाना का सेवन कम करता है। आप बच्चों को सेहतमंद स्नैक्स के तौर पर मखाना का सेवन करने के लिए सुबह या फिर शाम को नाश्ते के तौर पर दे सकती हैं।
लो-फैट और लो-कोलेस्ट्रॉल फूड के साथ दिल की सेहत के लिए

बच्चों के लिए मखाने के फायदों में यह भी शामिल है कि यह एक तरह से लो फैट और लो- कोलेस्ट्रॉल फू भी है। इसके सेवन के बाद आपका पेट लंबे समय के लिए भरा रहता है। साथ ही आपको ओवरईटिंग से भी बचाता है। इस वजह से यह बच्चों के लिए एक फ्रेंडली स्नैक कहलाता है। आप इसे बच्चों के टिफिन के लिए भी भेज सकती हैं। आप मखाना से कई तरह के स्नैक्स बना सकती हैं। मखाना खीन, मखाना की सब्जी, मखाना पराठा के साथ मखाना को फलों के साथ मिलाकर भी दे सकती हैं। इससे यह होगा कि स्नैक्स के अलावा आप मखाना को दोपहर और रात के खाने के तौर पर भी दे सकती हैं। आप मखाना को किसी भी सब्जी या दाल के साथ भी मिला कर दे सकती हैं। आप दिल की सेहत के लिए भी मखाना का उपयोग कर सकती हैं। बचपन से बच्चों के दिल की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। बचपन से बच्चों की दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए मखाना का सेवन आपके लिए एक अच्छा पर्याय बन जाता है। यह बच्चों के लिए भविष्य में दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करता है।
एलर्जी से बचाव
मखाना एलर्जी से भी लड़ने में सहायक होता है। मखाना एक प्राकृतिक और हल्का खाद्य पदार्थ है। यह एक तरह से ग्लूटेन-फ्री भी होता है। साथ ही आमतौर पर इससे किसी भी प्रकार की एलर्जी नहीं होती है। यह एक तरह से छोटे बच्चों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है। मखाना के सेवन से एलर्जी और साइड इफेक्ट का खतरा भी कम रहता है।
बच्चों को कैसे खिलाएं मखाना
बच्चों को मखाना खिलाने के कई सारे फायदे हैं, लेकिन बच्चों के कैसे मखाना दिया जाए, यह एक सोच का विषय है। अच्छी बात यह है कि मखाना को कई तरीकों से स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। मखाना का सेवन करने का एक तरीका यह भी है कि इसे हल्का घी में भूनकर नमक डालकर दिया जा सकता है। साथ ही मखाना को चाट मसाला या हल्की हल्दी के साथ भी दिया जा सकता है। मखाना खीर के तौर पर भी बच्चों को इसका सेवन कराया जा सकता है। जैसा कि हमने आपको बताया कि सब्जी या फिर पुलाव में मिलाकर भी मखाना का सेवन किया जा सकता है। पाउडर बनाकर दूध में मिलाकर छोटे बच्चों के लिए मखाना का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि बच्चों को मखाना देने के भी कई सारे नियम हैं। 2 से 5 साल के बच्चों को 10 से 15 मखाना हर दिन देना चाहिए। 6 से 12 साल के बच्चों को एक छोटी कटोरी मखाना का सेवन करना चाहिए। दिन में एक बार मखाना का सेवन करना छोटे बच्चों के लिए सही रहता है।