हमारे मन में यह ख्याल हमेशा रहता है कि हमें हेल्दी खाना है, लेकिन हम इस बात का ख्याल नहीं रख पाते हैं। ऐसे में आइए जानें कैसे जंक फूड को भी हेल्दी तरीके से खाया जा सकता है।
जंक फूड खाने की लत बन जाती है

जंक फूड खाने की लत लग जाती है, तो फिर किसी की बात समझ नहीं आती है, ऐसा लगता है कि हमें खाते रहना है और कुछ नहीं करना है, ऐसे में हमें इस बात का इल्म नहीं होता है और न ही पता लगता है कि जंक फूड हमारे मस्तिष्क के हैप्पी सेंटर में क्योंकि हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ा देता है, इसलिए हम उसे अधिक से अधिक खाने की कोशिश करते हैं। जानकार बताते हैं कि जब हम किसी सुखद अनुभव से गुजरते हैं तो डोपामाइन का स्तर बढ़ जाता है। जंक फूड अक्सर इसी श्रेणी में आता है। जब हमें डोपामाइन का यह स्तर मिलता है, तो यह मस्तिष्क को और अधिक अस्वास्थ्यकर भोजन खाने का संकेत भेजता है। यही वजन बढ़ने का कारण बनता है। लेकिन इन्हें हेल्दी तरीके से खाकर हम अपने वजन और सेहत को बिगड़ने से बचाने का काम कर सकते हैं।
सेहतमंद बनें इस तरह से
जंक फूड को सेहतमंद तरीके से पकाने के लिए, तलने के बजाय बेकिंग, एयर फ्राइंग या स्टीमिंग का इस्तेमाल करें और रिफाइंड सामग्री की जगह साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन का प्रयोग करें। कुछ मुख्य उपायों में बर्गर में सब्जियां डालना, मेयोनीज की जगह ग्रीक योगर्ट का इस्तेमाल करना, सफेद आटे की जगह साबुत गेहूं/ओट्स का आटा इस्तेमाल करना और नमक की जगह जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करना शामिल हैं।
आइसक्रीम को ऐसे बनाएं हेल्दी
पूरी तरह से फलों से बना, डेयरी-मुक्त और बिना चीनी मिलाए अगर आप किसी आइसक्रीम को बनाते हैं या बनती हैं, तो आपको खाने में मजा आएगा और यह हेल्दी भी बनेंगे, ऐसे आइसक्रीम प्राकृतिक से बनते हैं और नेचुरल शुगर के रूप से मीठे फ्रोजन डेजर्ट को फूड प्रोसेसर या ब्लेंडर में मिनटों में तैयार किया जा सकता है। इसलिए यह आइसक्रीम को हेल्दी बना देते हैं।
स्वास्थ्यवर्धक खाना पकाने के तरीके

आपको किसी तरह का जंक फूड खाने का मन हो रहा है, तो एयर फ्राइंग और बेकिंग का तरीका अपनाना चाहिए। डीप फ्राइंग की जगह एयर फ्राइंग या कम तेल में रोस्टिंग करना शुरू करें, वही स्प्रे बोतल का इस्तेमाल करने से मात्रा को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे कैलोरी और वसा की मात्रा कम होती है और कुरकुरापन बरकरार रहता है। वहीं प्रोटीन और सब्जियों को ब्रेडिंग और फ्राई करने के बजाय ग्रिलिंग, स्टीमिंग या ब्लांचिंग का विकल्प चुनें। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि बैटर में कार्बोनेटेड तरल पदार्थ या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना अच्छा होता नहीं होता है, इसलिए ऐसे बैटर बनाएं कि गैस के बुलबुले निकलें, जिससे खाना पकाते समय तेल का अवशोषण कम हो सके। बदलाव की बात करें, फ्रेंच फ्राइज़, चिकन विंग्स या प्याज के छल्ले बनाने के लिए एयर फ्रायर का इस्तेमाल करें। इससे कम तेल में ही कुरकुरापन आ जाता है।
वहीं समोसे, चिकन टेंडर्स या चुकंदर के चिप्स जैसी चीजों को ओवन में तेज तापमान (जैसे 200°C–230°C) पर बेक करना अच्छा होगा, ताकि उनमें तला हुआ कुरकुरापन आ जाए। वहीं बर्गर के लिए, पहले पैटीज को स्टीम करें, ताकि वे अच्छी तरह पक जाएं, फिर उन्हें हल्के से पैन में कुकिंग स्प्रे से सेकें, ताकि उनमें रंग और स्वाद आ जाए।
जानें इस बात को भी
जैसे कि बर्गर के लिए होल-व्हीट या मल्टीग्रेन बन, पिज्जा के लिए क्रस्ट या पिटा ब्रेड का इस्तेमाल करें। सफेद पास्ता की जगह होल-व्हीट, क्विनोआ पास्ता या जूडल्स (जुकिनी नूडल्स) का इस्तेमाल करें। वहीं स्वाद बढ़ाने के लिए, डेयरी के बिना पनीर जैसा स्वाद पाने के लिए न्यूट्रिशनल यीस्ट का इस्तेमाल करें। वहीं मेयोनीज की जगह ग्रीक योगर्ट, सरसों या एवोकाडो का इस्तेमाल करें।
बेस्ट टिप्स
हमें 20 मिनट का नियम जरूर फॉलो करना चाहिए, इसका मतलब यह है कि दूसरी बार खाना लेने से पहले 20 मिनट तक प्रतीक्षा करें, ताकि आपका मस्तिष्क पेट भरने का एहसास कर सके। वहीं कम पोर्शन में खाएं और कम खाने से ही संतुष्ट होने का एहसास दिलाने के लिए छोटी प्लेटों का उपयोग करें। वहीं घर की बनी चटनी का इस्तेमाल करें और बाजार में मिलने वाली टमाटर की चटनी या केचप में छिपी चीनी से बचने के लिए इसे घर पर ही बनाएं।
स्मार्ट ब्रेड और बाइंडिंग विकल्प

आपको कुछ इन बातों का भी ख्याल रखना जरूरी है कि अगर आप मीटबॉल, बर्गर या ब्रेडेड चिकन बना रहे हैं, तो रिफाइंड सफेद ब्रेडक्रम्ब्स का इस्तेमाल न करें। साथ ही ओट्स या अलसी का आटा अधिक इस्तेमाल करें, क्योंकि ये फाइबर और ओमेगा-3 प्रदान करते हैं और डो को बांधने में मदद करते हैं। वहीं नट क्रम्ब्स और चिकन टेंडर्स या मछली के लिए प्रोटीन से भरपूर "ब्रेडिंग" बनाने के लिए बादाम और काजू को फूड प्रोसेसर में पीस लें। क्या आपको पता है कि बारीक कद्दूकस की हुई फूलगोभी मीटलोफ में ब्रेडक्रम्ब्स की जगह ले सकती है या कम कार्ब वाले पिज्जा क्रस्ट के रूप में भी काम आ सकती है।
करें ये सब उपयोग
आपको इन बातों का ख्याल रखना है कि रिफाइंड आटे की जगह साबुत अनाज का इस्तेमाल करें और इस बात को समझ लें कि साबुत अनाज में अधिक फाइबर और पोषक तत्व होते हैं। घर पर पिज्जा, कुकीज या पैनकेक बनाने के लिए साबुत गेहूं के आटे का इस्तेमाल करें। पिज्जा के लिए साबुत अनाज या फूलगोभी की क्रस्ट चुनें। वही सेहतमंद तेलों का इस्तेमाल करना अच्छा होता है, जैसे कि जैतून का तेल और एवोकाडो तेल जैसे सेहतमंद तेलों में फायदेमंद वसा होती है। वहीं चिप्स, पॉपकॉर्न और बेक्ड सामान बनाने में मक्खन या वनस्पति तेल की जगह जैतून का तेल या एवोकाडो तेल का इस्तेमाल करना अच्छा होता है। जहां तक बात सब्जियों से फाइबर, विटामिन और खनिज मिलते हैं। मफिन और केक में बारीक कद्दूकस की हुई गाजर या तोरी डालें। पिज्जा पर तरह-तरह की सब्जियां डालें या पालक को सॉस और स्मूदी में मिलाएं। चीनी का सेवन कम करने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है और कैलोरी की मात्रा घटती है। मिठाइयों और स्नैक्स में रिफाइन चीनी के स्थान पर शहद, मेपल सिरप या मसले हुए केले जैसे प्राकृतिक मीठे पदार्थों का प्रयोग करें। ताजे फलों से अपनी खुद की आइसक्रीम या दही बनाएं।