बारिश के मौसम में शहद का इस्तेमाल कई तरह से काम करता है। शहद का इस्तेमाल सेहत सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बेहद फायदेमंद होता है। बारिश के मौसम में सबसे अधिक सर्दी और बुखार की समस्या होती है। इस दौरान शहद का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है। शहद में एक नहीं, बल्कि कई तरह के गुण पाए जाते हैं। शहद में विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। शहद का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है, जो कि बारिश के मौसम में बहुत जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस तरह से आप सेहत के लिए शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं।
गुनगुने पानी में शहद और नींबू का इस्तेमाल

इसे बनाने के लिए एक गिलास गुनगुना पानी लें और फिर उसमें एक चम्मच शुद्ध शहद और आधा नींबू भी मिलाएं। आपको इसे खाली पेट पीना है। यह जान लें कि गुनगुने पानी में शहद का इस्तेमाल शरीर में विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। यह पाचन को भी सुधारता है। इसके साथ ही अगर आप इसका सेवन हर दिन करती हैं, तो यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत करता है।
शहद और अदरक का रस

बारिश में शहद और अदरक के रस का भी इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। इसे बनाने के लिए एक चम्मच अदरक का रस लें और उसमें एक चम्मच शहद भी मिलाएं। आप इसका सेवन एक से 2 बार कर सकती हैं। उल्लेखनीय है कि शहद और अदरक का रस गले की खराश के साथ सर्दी और खांसी में भी आराम देता है। इसमें कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।
तुलसी-काली मिर्च का काढ़ा

सर्दी और खांसी में भी तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा काफी फायदा करता है। इसे बनाने के लिए तुलसी के 8 से 10 पत्ते, 4 से 5 काली मिर्च के साथ थोड़ा अदरक मिलाकर पानी में अच्छी तरह से उबाल लें और इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद भी मिलाएं। इससे यह होगा कि वायरल बुखार और सर्दी जुकाम से भी राहत मिलती है। इससे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी बढ़त होती है।
शहद और दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल सेहत के लिए बारिश में
यह काफी प्राकृतिक और देसी तरीका है। दोनों में ही एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल के साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मौसम में होने वाली आम बीमारियों से लड़ने में सहायता करता है। इसे बनाने के लिए एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। इसे एक साथ मिलाकर खाएं और हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। जानकारी के अनुसार इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी के साथ खांसी से बचाव होता है।
शहद के साथ गुनगुना दूध बारिश में पीने का फायदा

शहद के साथ गुनगुना दूध पीना एक बहुत ही पुराना और प्रभावशाली देसी नुस्खा है, जो शरीर को न सिर्फ अंदर से मजबूत बनाता है, बल्कि सर्दी-खांसी के साथ थकान और कमजोरी को भी कम करने का काम करता है। शहद के साथ गुनगुना दूध हमेशा रात को सोने से पहले पीना चाहिए। इसे नींद में सुधार और मानसिक शांति मिलती है। शहद पेट के लिए हल्का होता है और दूध के साथ मिलाकर अपच, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करता है। आपको ध्यान देना है कि बहुत गर्म दूध में शहद कभी भी नहीं मिलाना चाहिए। इससे शहद के पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टरों की सलाह से इसका सेवन करना चाहिए। एक साल से छोटे बच्चों को शहद के साथ दूध नहीं देना चाहिए।