बरसात का मौसम शुरू होने के साथ महिलाओं के लिए खासतौर पर परेशानी अधिक बढ़ जाती है, जब बात पीरियड की आती है। जी हां, मानसून के दौरान यात्रा करना या फिर दफ्तर जाने के दौरान पीरियड्स में कई सारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रा के कारण थकान , पेट दर्द, शरीर में दर्द के साथ कई तरह की अन्य परेशानियां पीरियड्स के साथ हमारे जीवन में बिन बुलाए मेहमान की तरह दस्तक देती है। डायटीशिन अमिता तांबेकर के अनुसार बारिश का मौसम अच्छा तो लगता है, लेकिन इस समय अगर आप ट्रैवलिंग कर रहे हो तो , गीले कपड़े, नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं विस्तार से।
ट्रैवलिंग और पीरियड्स में एनर्जी का रखें ध्यान

अमिता बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान घर से निकलने से पहले पौष्टिक नाश्ता करें। नाश्ते में प्रोटीन्स जरूरी है। प्रोटीन्स के कारण लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। अंकुरित सब्जिया, दही या दूध या फिर मूंग या बेसन का चिल्ला अच्छे प्रोटीन के विकल्प है। बैग में भुना चना, मखाना, ड्राई फ्रूट्स या फल रखें। ताकि अगर ज्यादा देर हो जाए, तो आप जंक फ़ूड खाने से और उस वजह से होनी वाली अपचन या गैस जैसी हेल्थ की समस्या से बच सकते है। लंबे समय तक भूखे रहने से थकान और चिड़चिड़ापन या एसिडिटी , सर दर्द बढ़ सकता है। इसीलिए आप अपने साथ कुछ पौष्टिक विकल्प रखें।
पानी कम मत कीजिए

अमिता के अनुसार बारिश में प्यास कम लगती है, लेकिन फिर भी दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। नारियल पानी, धनिया जीरा पानी या सूप जैसे विकल्प शामिल करें। पर्याप्त पानी पीने से सिरदर्द और थकान कम हो सकती है।
बारिश में भीगने पर रखें ध्यान

पीरियड्स के दौरान बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े लंबे समय तक पहनना संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए जल्द से जल्द सूखा कपड़े पहनें। लेमनग्रास या हरी चायपत्ती की चाय या अदरक वाली चाय या सूप या थोड़ा गरम पानी में अदरक मिलाएं। हल्दी दूध भी एक अच्छा पर्याय है।
पीरियड क्रेविंग का रखें ध्यान

अमिता ने खासतौर पर यह बताया कि पीरियड्स के दौरान मीठा और तला हुआ खाने का मन हो सकता है। डार्क चॉकलेट की थोड़ी मात्रा, खजूर या फल चुनें। अत्यधिक तला-भुना खाने से पेट भारी और सुस्ती महसूस हो सकती है। घर का गर्म और ताजा खाना बेहतर विकल्प है।
पीरियड्स क्रैम्प में खान- पान की भूमिका

अमिता ने साफ तौर पर कहा कि क्रैम्प के दर्द को कम करने के लिए कई सारे तरीके हैं। कुछ पोषक तत्व मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकते हैं। मैग्नीशियम के लिए कद्दू के बीज, बादाम, मूंगफली और दालें लें। ओमेगा-3 के लिए अखरोट और अलसी के बीज उपयोगी हो सकते हैं। बारिश और पीरियड्स दोनों में बार-बार चाय पीने का मन करता है। सीमित मात्रा में लें। अधिक कैफीन कुछ लोगों में बेचैनी, नींद की समस्या या क्रैम्प को बढ़ा सकती है। हर्बल चाय या गर्म पानी भी अच्छा विकल्प है। मकई का भुट्टा या चटपटा स्प्राउट्स भेल से भी आप बारिश का मजा ले सकते है
नींद और आराम को प्राथमिकता दें
अमिता ने यह भी कहा है कि आराम सबसे जरूरी है। कम नींद से दर्द और थकान अधिक महसूस हो सकती है। 7–8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। हल्की स्ट्रेचिंग या धीमी वॉक आराम दे सकती है। अपने शरीर के संकेतों को सुनें और जरूरत पड़ने पर आराम करें।अंत में अमिता का कहना है कि बारिश के मौसम में पीरियड्स के दौरान सबसे महत्वपूर्ण है, स्वच्छता, पर्याप्त पानी, संतुलित भोजन और पर्याप्त आराम। छोटे-छोटे बदलाव अधिक आरामदायक और ऊर्जावान महसूस करा सकते हैं।