महिलाओं के लिए शरीर की पूर्ण रूप से जांच काफी जरूरी है। कई बार ऐसा होता है कि कई छोटे और बड़े रोगों की जानकारी हमें नहीं होती है और शरीर इससे जुड़ा कोई संकेत नहीं देता और अगर देता भी है, तो हम उसे अनदेखा कर देते हैं। ऐसे में शरीर की पूरी जांच हमें हर तरह की बीमारी से अवगत करा सकती हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं, स्त्री रोग विशेषज्ञ सोनिया चंदनानी से।
बीमारियों की जानकारी

आपके शरीर के अंदर क्या हो रहा है और किस की कमी है, इसके बारे में पता चलता है। अगर आप कंप्लीट बॉडी चेकअप कराती हैं, तो इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, एनीमिया यानी की खून की कमी, लिवर और किडनी की बीमारी के साथ विटामिन और मिनरल की कमी के साथ बड़ी बीमारी जैसे कैंसर का भी पता चलता है। इन बीमारी के बारे में सही समय पर पता चलना बहुत जरूरी होता है। इससे आप समय पर अपना इलाज शुरू कर सकती हैं और साथ ही परहेज भी कर सकती हैं।
महिला आधारित स्वास्थ्य समस्याओं पर जानकारी

डॉक्टर चंदनानी का मानना है कि बहुत जरूरी है कि महिलाओं को महिलाओं से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरूकता होनी चाहिए। शुरुआती जांच में इस पर जरूर ध्यान रखा जाता है। महिलाओं में होने वाली समस्याएं जैसे पीसीओएस, थायराइड विकार, स्तन संबंधी रोग और गर्भाशय की बीमारियां शुरुआती चरण में अक्सर स्पष्ट लक्षण नहीं दिखातीं। जानकारी होने से समय पर जांच और उपचार संभव होता है। स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों के बारे में जागरूकता नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान को बढ़ावा देती है, जिससे उपचार की सफलता बढ़ सकती है। सही पोषण, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझकर महिलाएं लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकती हैं।
पोषण संबंधी कमियां

महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी शुरुआती जांच में मिलती है। आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी 12, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इन कमियों के शुरुआती संकेत अक्सर स्पष्ट नहीं होते, लेकिन वे थकान, कमजोरी, चक्कर आना, बाल झड़ना और हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं और शुरुआती जांच में इसका आसानी से पता चल जाता है।
खुद का ख्याल रखने के लिए होंगे तैयार

डाॅ. चंदनानी कहती हैं कि महिलाओं को पूरे शरीर की जांच के बाद यह पता चलता है कि कैसे खुद का ख्याल रखना हर महिला का पहला कर्तव्य है। यदि किसी बीमारी, पोषण संबंधी कमी या स्वास्थ्य जोखिम के संकेत मिलते हैं, तो समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। इससे महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनती हैं और लंबे समय तक स्वस्थ, सक्रिय तथा आत्मविश्वास से भरपूर जीवन जीने के लिए तैयार रहती हैं।
हार्मोनल बदलाव को समझना
हार्मोनल बदलाव महिलाओं के शरीर में कई तरह की समस्या को जन्म देता है। इसमें खासतौर पर पीसीओएस, पीसीओडी, थायराइड और मासिक धर्म की अनियमितता के बारे में पता चलता है। समय पर पहचान होने से महिलाएं इन बदलावों को बेहतर ढंग से समझ सकती हैं और आवश्यक उपचार, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकती हैं।