लग्जरी तरीके से वेलनेस का ध्यान कई तरह से रखा जा सकता है। जिम जाकर या घर पर ही किसी ट्रेनर के मार्गदर्शन में आप खुद की वेलनेस और खान-पान का ध्यान रख सकती हैं। कई बार लग्जरी वेलनेस हमारी जेब पर भी भारी पड़ने लगती है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आप कम खर्च के साथ घर पर ही रहकर खुद के लिए सेहतमंद जीवनशैली अपना सकती हैं। उसके लिए आपको केवल कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना है और आप अपने लिए होम वेलनेस का पूरा टाइम टेबल तैयार कर सकती हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
सिंपल डेली रूटीन के साथ करें शुरूआत
खुद की वेलनेस को ध्यान में रखने के लिए आपको डेली रूटीन में भी बदलाव करना होगा। अगर आपके पास एक्सरसाइज करने का समय नहीं है, तो घर के काम में एक्सरसाइज को शामिल करें। घर की साफ-सफाई करें। हर कोई सुबह उठकर कम से कम अपना बिस्तर और कमरा जरूर ठीक करता है। इस दौरान आपको हाथ, कमर और पैर के मूमेंट पर अधिक ध्यान देना है। इससे आपकी सुबह की एक्सरसाइज आराम से हो जाएगी। साथ ही आपको बाहर जाकर टहलने का मौका नहीं मिलता है, तो आप घर के काम को घर में चलते हुए करें। इससे आप काफी देर तक चलती हैं और आपके घर का काम भी हो जाता है। साथ ही चेहरे की स्किन और शरीर का ध्यान रखने के लिए एलोवेरा जेल , शहद और बेसन का इस्तेमाल करें।
घर पर शरीर को दें राहत
आप पूरे दिन की थकान दूर करने के लिए किसी स्पा में जाने की जरूरत नहीं है। आप पूरे दिन की थकान को दूर करने के लिए रात में गर्म पानी में हल्का-सा नमक मिलाकर उसमें पैर डालकर बैठ सकती हैं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी। आप घर में अपनी मां या बहन की मदद से खुद को आयल मसाज भी दे सकती हैं। इसके लिए आप सरसो या फिर नारियल तेल का इस्तेमाल करें। आप सिर पर अपनी तेल का मसाज भी करा सकती हैं। इससे आंख और चेहरे को भी काफी आराम मिलता है। आप सप्ताह में एक बार भी इस तरीके को अपना कर देख सकती हैं। इससे आपको काफी आराम मिलता है और आप मानिसक और शारीरिक तौर पर आरामदायक महसूस करती हैं।
हेल्दी होम मेड फूड पर ध्यान
हमेशा मौसमी फलों और सब्जियों को खाने में इस्तेमाल करें। फ्राइड खाना और बाहर के खाने से दूरी बनाएं। उबला हुआ स्टीम खाना या फिर हल्का ग्रिल्ड खाना आपके शरीर के लिए सेहतमंद और हल्का रहता है। अनियमित खाने की आदत पाचन खराब कर सकती है। रोज़ एक तय समय पर खाना खाने की कोशिश करें। बिस्किट, पैकेज्ड स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की जगह घर के बने स्नैक्स जैसे मखाना, भुना चना या फल लें। हर मील में प्रोटीन (दाल/पनीर), कार्बोहाइड्रेट (रोटी/चावल), और सब्ज़ियाँ जरूर शामिल करें ताकि शरीर को पूरा पोषण मिले।
मेडिटेशन से मिलेगी राहत
रोज 10–15 मिनट ध्यान करने से दिमाग शांत होता है और चिंता धीरे-धीरे कम होने लगती है। पढ़ाई, काम या रोज़मर्रा के फैसलों में ध्यान बेहतर लगता है।गुस्सा, चिड़चिड़ापन और ओवरथिंकिंग कम होने लगती है। धीमी सांसों पर ध्यान देने से हार्ट रेट और बॉडी टेंशन दोनों कम होते हैं। साथ ही किसी भी बात पर प्रतिक्रिया देने से पहले 2 मिनट सोच कर जवाब दें। इससे आप हाईपर नहीं होंगे और साथ ही आप सामने वाले व्यक्ति को अपनी बात पूरी तरह से समझा पायेंगी।
डायरी कम्यूनिकेशन जरूरी
डायरी कम्यूनिकेशन यानी अपने विचार, भावनाएँ और अनुभवों को लिखकर खुद से बातचीत करने का एक सरल तरीका है। जो बातें हम किसी से नहीं कह पाते हैं, उन्हें लिखने से मन का बोझ कम होता है और इससे तनाव भी घटता है। इसके साथ डायरी लिखने से आप अपने विचारों, आदतों और भावनाओं को साफ तौर से समझा पाते हैं। साथ ही इससे आपका आत्म विश्वास भी बढ़ता है। इससे लिखने से दिमाग व्यवस्थित होता है और फैसले लेने में भी आसानी होती है। साथ ही आप अगर खुद से डायरी संवाद के जरिए बात करती हैं, तो यह आपको भावनात्मक तौर पर भी मजबूत करता है।