बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और ताजगी लेकर आता है, लेकिन यह मौसम पाचन संबंधी समस्याओं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर करने का समय माना जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बच्चों को संभालने वाली मां के लिए भी अधिक ध्यान देने का समय होता है। घर और बाहर की चीजें संभालने के साथ बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी महिलाओं के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तनाव से गुजरती है। आइए जानते हैं डायटिशियन अमिता तांबेकर से कि बरसात के मौसम में कैसे ध्यान रखना है।
बच्चों की ग्रोथ के लिए डाइट

अमिता कहती हैं कि छोटे बच्चों में बारिश के मौसम में वायरल इंफेक्शन, पेट की समस्या और भूख कम लगने की समस्या पैदा होती है। ऐसे समय में उनका भोजन हल्का, ताजा और पोषक होना चाहिए। मूंग दाल खिचड़ी, दलिया, दही-चावल, वेजिटेबल सूप और घर के खाने से पाचन में आसान होते हैं और शरीर को एनर्जी देता है। प्रोटीन बच्चों की ग्रोथ और इम्यूनिटी सेल्स के निर्माण के लिए भी जरूरी होता है। इसलिए दालें, पनीर, दही और अंकुरित भोजन को खाने में शामिल करना फायदेमंद होता है।
हाइड्रेशन का रखें ध्यान
अमिता का कहना है कि बारिश के मौसम में विटामिन सी और एंटीआक्सीडेंट का महत्व बढ़ जाता है। यह शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। आंवला, अमरूद, संतरा जैसे फल संक्रमण से बचाव में सहायक हो सकते हैं। साथ ही हाइड्रेशन का ध्यान रखना भी जरूरी है क्योंकि ठंडे मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत बनी रहती है।
महिलाएं ऐसे रखें खाने का ध्यान

अमिता का कहना है कि एक मां को खुद का ध्यान रखना जरूरी है। एक मां के लिए यह समय और भी महत्वपूर्ण है, खासकर अगर वह ब्रेस्ट फीडिंग कर रही हैं, तो उन्हें पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम के साथ हेल्दी फैट्स की जरूरत होती है। आयरन की कमी से थकान और इम्युनिटी कमजोर हो सकती है इसलिए हरी सब्जियां, गुड़ उपयोगी रहता है। आयरन की कमी से थकान और कमजोर हो सकती है, इसलिए हरी सब्जियां, गुड़ उपयोगी रहता है।
हाइजीन और साफ-सफाई

अमिता ने साफ-सफाई पर भी बल दिया है। उनका कहना है कि बारिश में हाइड्रेशन भी प्रोटीन जितनी ही जरूरी है। गीले कपड़ों में ज्यादा देर रहना, बासी खाना खाना या बाहर का खाना लेने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ताजा और हल्का गर्म घर का बना हुआ खाना इस मौसम में सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। सही पोषण, साफ-सफाई और पर्याप्त आराम—ये तीन बातें बारिश के मौसम में माँ और बच्चे दोनों की सेहत को सुरक्षित रखने की सबसे मजबूत नींव हैं। क्योंकि स्वस्थ माँ ही स्वस्थ बच्चे की पहली ताकत होती है।