बारिश का मौसम कई महिलाओं के लिए पैरों में दर्द, भारीपन, ऐंठन, सूजन या जोड़ों में अकड़न जैसी समस्याएं लेकर आता है। अक्सर इस तरह की परेशानी को केवल मौसम का असर समझ लिया जाता है, लेकिन इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। वातावरण में नमी, शारीरिक गतिविधि में कमी, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, बढ़ती उम्र और डायबिटीज जैसी स्थितियां इस परेशानी को बढ़ा सकती हैं। आइए डायटीशियन अमिता तांबेकर से विस्तार से जानते हैं।
40 वर्ष की उम्र के बाद

अमिता कहती हैं कि खातौर पर 40 की उम्र के बाद प्रीमोनोपाज के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका असर खासतौर पर महिलाओं के लिए हड्डियों और मांसपेशियों और जोड़ों पर रहता है। इस वजह से मांसपेशियों की ताकत कम हो सकती है और दर्द के साथ अकड़न अधिक महसूस हो सकती है। साथ ही अगर पहले से शरीर में विटामिन डी और विटामिन बी 12 की कमी हो, तो समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
खान-पान को बदलना जरूरी

अमिता कहती हैं कि अपने भोजन में दालें, पनीर, दूध, दही, अंकुरित अनाज, सोया, रागी, तिल, बादाम, कद्दू के बीज, केला और हरी पत्तेदार सब्जियों को नियमित रूप से शामिल करें। यदि बार-बार दर्द, कमजोरी या झुनझुनी महसूस हो, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी और विटामिन बी 12 की जांच भी करवा सकते हैं।
शरीर को हाइड्रेट रखें

बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है, इसलिए कई लोग जरूरत से कम पानी पीते हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे पैरों में ऐंठन और थकान बढ़ सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ, सूप या नींबू पानी जैसे पेय भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
एक जगह पर बैठना सही नहीं

बारिश में अक्सर बाहर निकलना कम हो जाता है और कई लोग घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं। इससे पैरों में रक्त संचार धीमा पड़ सकता है, जिससे भारीपन, सूजन और दर्द महसूस हो सकता है।हर 45–60 मिनट में 5 मिनट टहलें, सीढ़ियां चढ़ें या पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करें। नियमित गतिविधि मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बेहतर बनाती है।
डायबिटीज में पैरों की विशेष देखभाल करें

यदि डायबिटीज है, तो मानसून में पैरों की देखभाल और भी जरूरी हो जाती है। लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे पैरों में दर्द, जलन, झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो सकता है। बारिश में पैरों का लंबे समय तक गीला रहना संक्रमण का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसलिए—प्रतिदिन पैरों की जांच करें। पैरों को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाएं, खासकर उंगलियों के बीच। आरामदायक और सूखे फुटवियर पहनें। यदि पैरों में दर्द बार-बार हो रहा है, रात में ऐंठन आती है, चलने पर दर्द बढ़ता है, पैरों में सूजन, झुनझुनी, जलन या सुन्नपन महसूस होता है, तो यह केवल मौसम का असर नहीं भी हो सकता। यह विटामिन के साथ, आयरन की कमी थायरॉइड, डायबिटीज जैसी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। दर्द लगातार बना रहे, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें और आवश्यक जांच करवाएं।