यह सच है कि ठंड में बिल्कुल कंबल से निकलने का मन नहीं करता है, लेकिन फिर भी फिटनेस का ध्यान रखना तो बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं विस्तार से कि आप कौन-कौन से एक्सरसाइज कर सकती हैं।
कुछ खास एक्सरसाइज

अगर हम कुछ खास एक्सरसाइज की बात करें, तो रस्सी कूदना एक बेहतरीन फुल-बॉडी वर्कआउट जो कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाता है और ठंड में इसे करने में काफी मजा भी आता है, इसके अलावा प्लैंक करना भी अच्छा रहता है। वहीं हाई नीज स्टैमिना को बढ़ाता है और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। साथ ही साथ डांसिंग और हिलने-डुलने और कार्डियोवस्कुलर हेल्थ को बेहतर बनाने का एक मजेदार तरीका हो सकता है और साथ ही निचले शरीर की ताकत बनाने के लिए घर की सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
ध्यान रखने योग्य टिप्स और फायदे
इस बात का आपको खास ख्याल रखना है कि इस मौसम में आपको अधिक परेशानी इसलिए भी नहीं होती है कि बहुत अधिक गर्मी नहीं लगती है और ऐसे में गर्मी और नमी से निपटना की आपको कोशिश नहीं करनी पड़ती है। सर्दियों की ठंडक आपको फ्रेश महसूस करवाती हैं और तरोताजा महसूस करा सकती है। आप ठंडे मौसम में ज्यादा देर तक वर्कआउट कर सकती हैं, जिसका मतलब है कि आप और भी ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकती हैं। इस दौरान, शरीर में विटामिन डी लेने का यह सबसे शानदार तरीका है, जिसे बिल्कुल अपनाना चाहिए। साथ ही यह रोशनी न सिर्फ कई लोगों का मूड बेहतर कर सकती है, बल्कि यह आपको विटामिन डी देने में भी मदद करती है। एक्सरसाइज ठंड और फ्लू के मौसम में आपकी इम्यूनिटी बढ़ाती है। ठंड के मौसम में बस कुछ मिनट भी सामान्य बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन को रोकने में मदद करते हैं। इनके अलावा, अपने पैरों और कोर को मजबूत करने की कोशिश अभी जरूर करनी चाहिए। साथ ही पुश-अप्स करना आपके लिए बेहद अच्छा होगा और ऊपरी शरीर और कोर की स्थिरता में भी इससे काफी सुधार हो जाते हैं।
योग और स्ट्रेचिंग

अगर हम योग और स्ट्रेचिंग की बात करें, तो योग शरीर को फ्लेक्सिबल बनाए रखने और तनाव कम करने का एक बेहतरीन तरीका है। तो अगर ठंड बहुत है, कहीं नहीं जा पा रहे हैं या रही हैं, तो सूर्य नमस्कार करना बेहद अच्छा होगा, साथ ही पूरे शरीर को वार्म करने वाली कसरत भी अच्छी रहेगी, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है। साथ ही पीठ के तनाव को कम करने के लिए भी यह जरूरी है और रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता को बरकरार रखने के लिए भी। साथ ही समय-समय पर चाइल्ड पोज की कोशिश करनी चाहिए और शरीर को आराम देता है और पीठ के निचले हिस्से को स्ट्रेच करता है। हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करता है और फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाता है। आप यह सुन कर हैरान होंगे, लेकिन घर पर भी ठंड के महीने में कुछ शानदार पिलेट्स किये जा सकते हैं, जैसे घर पर पिलेट्स करने के लिए आपको पिलेट्स कोर स्ट्रेंथ, फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही इसके कुछ आसान मूव्स भी किये जा सकते हैं, जैसे द हंड्रेड, जो कोर को एंगेज करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। वहीं लेग सर्कल्स, जो पैरों को मजबूत बनाता है और घुटनों को स्टेबल करता है। वहीं रोलिंग लाइक ए बॉल बैलेंस और कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाता है। साथ ही ब्रिज पोज, ग्लूट्स और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाता है।
खुद को वार्म रखें और सुरक्षित रहें
ठंड के मौसम में एक्सरसाइज के लिए बाहर जाते समय गर्म और सूखा रहना लेयर्स पहनने से होता है। थोड़ी-सी तैयारी आपको ठंडे मौसम के खतरों जैसे हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट से सुरक्षित रख सकती है।
ठंडा तापमान, तेज हवाएं और नमी वाली स्थितियां (जैसे बारिश और बर्फ) आपके शरीर की गर्मी छीन सकती हैं। उदाहरण के लिए, नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, 30 डिग्री के दिन 30 मील प्रति घंटे की हवा लगभग 15 डिग्री जैसी महसूस होती है। और अगर आप बर्फ से गीले हो जाते हैं, तो यह असर और बढ़ जाता है। इसीलिए कपड़ों की लेयर्स इतनी जरूरी हैं। वे गर्मी को रोककर रखते हैं और मौसम के असर से एक तरह का इंसुलेशन बनाते हैं।
आउटडोर एक्टिविटीज

अगर हम आउटडोर ऐक्टिविटीज की बात करें, तो सर्दियों के गेम के रूप में स्नोशूइंग, स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री, डाउनहिल), आइस स्केटिंग, स्लेजिंग और आइस हॉकी से कार्डियो और ताकत मिलती है। साथ ही सर्दियों में हाइकिंग/दौड़ना या पार्क में तेज चलना या दौड़ना, सही ट्रैक्शन वाले जूते पहनना और कपड़े लेयर में पहनना या फिर पत्तियां इकट्ठा करना या बर्फ हटाना कार्डियो और ताकत के लिए बहुत अच्छा है। इसलिए इन्हें जरूर अपनाना चाहिए।
इनडोर एक्टिविटीज
अगर हम इनडोर एक्टिविटीज की बात करें, तो बॉडीवेट स्क्वैट्स, पुश-अप्स, प्लैंक्स, लंग्स और चेयर डिप्स से पॉवर मिलती है, ऐसे में अगर कार्डियो की बात करें, तो घर पर रस्सी कूदना, हाई नीज, डांसिंग या सीढ़ियां चढ़ना अच्छा रहता है। अगर हम इनडोर में फ्लेक्सिबिलिटी की बात करें, तो पॉवर के लिए योग या पिलेट्स वजन के तौर पर रेजिस्टेंस बैंड या घर की चीजों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
एक खास जगह एक्सरसाइज के लिए
भले ही आपका घर बहुत अधिक स्पेस वाला नहीं हो, लेकिन फिर भी आपको एक खास जगह पूरी तरह से एक्सरसाइज को डेडिकेट करनी चाहिए। इससे आप नियमित रहेंगे। अपने घर में वर्कआउट के लिए एक जगह तय करें। कोशिश करें कि यह कोई ऐसी जगह हो, जो आपका ध्यान न भटकाये और न ही वहां अधिक लोग आपको तंग कर सकें, कोशिश करें कि जहां कोई आपको परेशान न करे, जब तक कि कोई इमरजेंसी न हो। आपको कुछ ऐसा महसूस करना है, जैसे आप अपनी किसी सहकर्मियों के साथ जूम मीटिंग में हैं और हैं और कोई आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता, वैसे ही जब आप अपनी एक्सरसाइज की जगह पर जाते हैं, तो वह आपका अकेले रहने का समय होता है। अगर आप अपनी सीमाएं तय करते हैं, तो लिविंग रूम का एक कोना भी काफी है। इसलिए हमेशा खुद को फोकस्ड रखने की कोशिश करें और कोशिश करें कि हमेशा नियमित रहें और किसी भी बहाने को खुद पर हावी नहीं होने दें।