ऋतुओं के राजा कहे जानेवाले वसंत ऋतु की शुरुआत हो चुकी है और इसी के साथ शुरू हो चुका है मौसम में बदलाव। हालांकि जिस तरह मौसम में बदलाव होता है, उसी तरह हमारे शरीर और मन-मस्तिष्क में भी बदलाव होता है। आइए न्यूट्रिशनिस्ट दीपिका परब से जानते हैं इस मौसम में आयुर्वेद के अनुसार अपनी डाइट में किस तरह बदलाव करके हम स्वस्थ रह सकते हैं।
खूबसूरती के साथ बदलते मौसम का संदेश है वसंत ऋतु

वसंत ऋतु की शुरुआत होते ही प्रकृति की खुबसूरती के साथ हवाएं मानो सुगंधित हो जाती हैं. उस पर पक्षियों की चहचहाहट मन को तरंगित कर देती हैं। हालांकि मन को भिगोते इस मौसम में तन का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है और इसके लिए जरूरी है अपने खान-पान में भी बदलाव करना, जिसके बारे में हमारे आयुर्वेद में बेहद विस्तार से बताया गया है। दरअसल वसंत ऋतु की शुरुआत के साथ मौसम में सर्दी का प्रभाव कम होकर, गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगता है। ऐसे में आपको सर्दियों के मौसम में खाई जानेवाली हैवी डाइट को छोड़कर कुछ हल्की डाइट लेने की जरूरत पड़ती है, क्योंकि कफ के रूप में शरीर में जमा हैवी डाइट, वसंत ऋतु में पिघलकर खांसी, सर्दी, थ्रोट इंफेक्शन, बुखार और इनडाइजेशन के रूप में आपको परेशान करता है। ऐसे में मौसमी फल-सब्जियों के साथ प्रोटीन से भरपूर दालें और सेहतमंद मसालों का सेवन बेहद जरूरी है।
वसंत ऋतु की स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां

दरअसल वसंत ऋतु में बाजार में कई फल और सब्जियां आ जाती हैं, जिनके अंतर्गत सब्जियों में जहां सरसों का साग, मूली, मटर, पालक और जलकुम्भी शामिल है, वहीं फलों में एवोकाडो, अंगूर, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी और मसालों में सौंफ, लौंग, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ या अदरक और लहसुन शामिल है। इनमें साग की बात करें तो भारतीय खान-पान में हर तरह का खाया जानेवाला साग बेहद गुणकारी है। विटामिन ई, सी, के और ए से भरपूर साग दिल की बीमारियों से भी आपकी रक्षा करता है। विशेष रूप से वसंत ऋतु की बात करें तो इस मौसम में सरसों, मेथी, पालक, चौलाई और मूली के साथ चने का साग भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर मूली के साग के साथ सिर्फ मूली को भी आप किसी भी रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। साथ ही फाइबर से भरपूर मटर स्वाद के साथ स्वास्थ्य में भी बेहद असरदार होती है। आम तौर पर पानी में पनपनेवाली जलकुंभी बहुत कम लोगों को रास आती है, लेकिन विटामिन के साथ आयरन और कैल्शियम से भरपूर जलकुंभी के फायदे यदि आप सुनेंगी तो इससे दूरी बनाने की बजाय इसे गले लगा लेंगी।
इन मौसमी फलों को भी जरूर अपनाएं

सब्जियों के अलावा फलों की बात करें तो एवोकाडो की गिनती एक पैक्ड फल में होती है, जिसके बेहिसाब फायदे हैं। ऐसे में वसंत ऋतु में अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए आप इसकी स्मूदी बनाकर पी सकती हैं। साथ ही विटामिन सी और ए से भरपूर अंगूर, जहां ब्लड फ्लो को कंट्रोल करता है, वहीं फाइबर से भरपूर नाशपाती आपका डाइजेशन दुरुस्त करता है। इसे आप सलाद के तौर पर या यूं ही खा सकती हैं। सर्दियों का मौसम खत्म होते-होते बाजार में स्ट्रॉबेरी की भरमार नजर आती है। विटामिन सी से भरपूर स्ट्रॉबेरी, स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होती है। हालांकि प्रोटीन के लिए आप दालों का भी सेवन कर सकती हैं, जिनमें अरहर, मूंग, चना, मसूर और मटर के दाल आप अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। हालांकि वसंत ऋतु में अपनी डाइट में फल, सब्जियों और दालों को शामिल करने के साथ कुछ खास बातों का ध्याना भी रखना चाहिए।
स्वस्थ रहने के लिए रखें ये सावधानियां

वसंत ऋतु में अक्सर लोगों को कफ की समस्या होने लगती है, ऐसे में कोशिश करें कि जहां तक संभव हो फ्राइड चीजों के साथ फास्ट फूड, दूध से बनी चीजें और ठंडे पदार्थों का सेवन कम से कम करें। ताजा, हल्का और पचने में आसान भोजन के साथ दिन में सोने की आदत से बचें। जहां तक हो सके ठंडा पानी पिने की बजाय, हल्का गुनगुना पानी पिएं और रात को सोते समय पानी में सोंठ और शहद मिलाकर पिएं। आप चाहें तो इसके अलावा शहद के साथ सोंठ, काली मिर्च और पिपली पाउडर भी खा सकती हैं। गले में खराश या तबियत भारी लगे तो तुलसी, अजवाइन और मुलेठी पाउडर मिलाकर काढ़ा भी बना सकती हैं। कफ और एलर्जी से छुटकारा पाने के लिए इसे आप हर रोज सुबह पी सकती हैं। इसके अलावा इस मौसम में नियमित रूप से तिल के तेल की मालिश भी आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।