आजाद भारत में भी रहकर भी कई बार पारिवारिक बंधन के कारण या फिर किसी अन्य वजह से महिलाएं उन चीजों और सोच की गिरफ्त में कैद रहती हैं, जो उन्हें अंदरूनी तौर पर बांध कर रखती हैं। अक्सर ऐसा होता है कि दर दिन की भागदौड़ में हम यह भूल जाते हैं कि हमारे मन के अंदर किसी गांठ ने हमें जोड़ कर रखा है। इसलिए जरूरी है कि खुद के जीवन से महिलाओं को कुछ चीजों के लिए आजाद करना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं विस्तार से।
टॉक्सिक रिश्ते

एक महिला को टॉक्सिक रिश्ते से बाहर आने के लिए किसी वजह की जरूरत नहीं है। एक महिला को केवल खुद की आवाज बनना है और खुद के लिए खड़ा होना है। सेल्फ लव की तरफ खुद के हाथ खुद के दिल तक पहुंचाना है। टॉक्सिक रिश्ते धीरे-धीरे आत्म सम्मान को तोड़ देते हैं। जब कोई लगातार आपकी भावनाओं, सीमाओं को पार करते हुए अनादर की स्थिति में आ जाता है, तो खुद को छोटा महसूस होना लगता है। ऐसे रिश्ते में रहकर खुद से जुड़ाव टूटने लगता है। टॉक्सिक रिश्ता चिंता, अवसाद, असुरक्षा और मानसिक थकावट का कारण बनता है। हर महिला एक ऐसे रिश्ते की हकदार है, जिसमें प्यार होता है, समर्थन के साथ सम्मान भी हो। अगर कोई रिश्ता बार-बार दर्द देता है, तो वह प्यार नहीं है, वो आदत और निर्भरता है। एक महिला को समझना होगा कि कोई भी रिश्ता इतना जरूरी नहीं होता कि उसमें खुद को खो देना पड़े।
तनाव

महिलाओं को तनाव से क्यों दूर रहने की सबसे बड़ी वजह सेहत है। जी हां, सेहत पर इसका सबसे अधिक असर पड़ता है। तनाव के कारण कई तरह की बीमारियां हमारे शरीर में जन्म लेती हैं। कई जानकारों का कहना है कि महिलाओं का शरीर तनाव से ज्यादा असर झेलता है, इसलिए उनकी सेहत जल्दी खराब होती है। तनाव के कारण महिलाएं चिड़चिड़ी, घबराई हुई या निराश महसूस कर सकती हैं, जिससे उनके परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते प्रभावित होते हैं। इसलिए जरूरी है कि तनाव से खुद को दूर रखने के लिए महिलाओं को खुद के लिए समय निकालना चाहिए। खुद का ख्याल रखें और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने से हिचकिचाना नहीं चाहिए।
जंक फूड

महिलाओं के लिए जंक फूड सबसे अधिक नुकसानदायक है। जंक फूड में बहुत ज्यादा तेल, नमक, शुगर और केमिकल होते हैं, जो कि कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है। जंक फूड खाने से शरीर को असली ऊर्जा नहीं मिलती, जिससे जल्दी थकान, कमजोरी और आलस्य महसूस होता है। जानकारों का कहना है कि जंक फूड का अधिक सेवन मूड स्विंग, डिप्रेशन और चिंता बढ़ा सकता है क्योंकि यह मस्तिष्क के लिए सही पोषण प्रदान नहीं करता। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं जंक फूड से दूरी बनाएं। जंक फूड से दूरी बनाकर महिलाएं स्वस्थ, सुंदर और ऊर्जावान जीवन जी सकती हैं।
डर

डर इंसान को अपनी क्षमता पर भरोसा करने से रोकता है। इससे महिलाएं नए अवसरों और अनुभवों से दूर रह जाती हैं, जिससे उनका विकास रुक जाता है। जानकारों का कहना है कि डर के कारण महिलाएं अकेलापन महसूस कर सकती हैं या सामाजिक मेल-जोल से डर सकती हैं, जिससे उनका सामाजिक जीवन प्रभावित होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाओं को अपने डर का सामना करना चाहिए। उससे भागना बिल्कुल भी नहीं चाहिए। हर महिला को अपने डर को पहचानना चाहिए। उसका सामना करते हुए उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। डर के दूर होने के बाद आजादी का अहसास होगा।
सेल्फ डाउट

सेल्फ डाउट का मतलब खुद पर भरोसा न करना होता है। जब आप खुद पर शक करती हैं, तो अपने फैसलों और योग्यताओं पर भरोसा नहीं कर पाती हैं। जिससे आप अपनी योग्यता और क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। खुद पर भरोसा न होना मानसिक दबाव, चिंता और तनाव को भी जन्म देता है। जब आप खुद पर विश्वास नहीं करतीं, तो दूसरों के साथ संवाद और रिश्तों में भी असहजता हो सकती है, जिससे रिश्ते कमजोर हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि खुद पर भरोसा किया जाए, हमें यह समझना चाहिए कि तुममें वो सब कुछ है, जो तुम्हें सफल, खुशहाल बना सकता है।