कई बार हम अपने इर्द-गिर्द देखें, तो जो होम मेकर होती हैं, वे जब मां बनती हैं, तो यह मान लिया जाता है कि होम मेकर है न ! घर पर रहती है, बच्चा संभाल ही लेगी। इसे ब्रेक की क्या जरूरत है, जब भी बेहद जरूरत है कि एक होम मेकर मॉम भी अपने लिए समय निकालें और अपने लिए स्पेस लें। आइए जानते हैं विस्तार से।
पर्सनल स्पेस है बेहद जरूरी

घर संभालने वाली मां के लिए 'पर्सनल स्पेस' निकालना जरूरी है और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उन्हें अपने आप को थकान से बचाना है और थकान और तनाव से बचाने के लिए ही उन्हें स्पेस लेने की जरूरत है। तभी वह बाकी काम भी कर पाएंगी, क्योंकि एक ही तरह के काम कर-कर इंसान पूरी तरह से थक जाता है और परेशान हो जाता है। ऐसे में जिंदगी में बेहद जरूरी है कि थकान और तनाव से बचा जा सके। घर चलाने की लगातार मानसिक जिम्मेदारियों को संभालना आसान भी नहीं होता है और एकरसता हर मां को तनाव में धकेल देती है। जब एक महिला अपना स्पेस लेती हैं, तो उन्हें नई ऊर्जा मिलती है और जिससे वे फिर नए तरीके से जीना पसंद करती हैं और फिर साथ ही में खुशी-खुशी समय बिता पाती हैं। ऐसा नहीं है कि इसके लिए कोई ट्रिप प्लान करें, तभी, बल्कि हर दिन उन्हें अपने लिए समय निकालना ही चाहिए और इसके लिए उन्हें परिवार वालों से मदद मांगने की जरूरत हों तो भी इसमें कोई गुरेज नहीं करना चाहिए। हर रोज घर के एक कोने में जहां सिर्फ वह हों और उन्हें कुछ घंटों के लिए कोई परेशान न करें और साथ ही उन्हें इस बात का मौका दें कि वे सुकून के पल जी सकें।
परिवार से बातचीत करें साफ-साफ
आपको अपने परिवार वालों से भी खुल कर बातचीत करनी चाहिए। उन्हें यह कहना चाहिए कि पूरे दिन में कुछ घंटे आपको अपने लिए चाहिए, अपने पति से और घर में रह रहे लोगों से पूरी बातें शेयर करें और हर दिन का शेड्यूल तैयार करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो और खुशी-ख़ुशी अपने लिए समय निकालें। इसमें आपको संकोच नहीं करना चाहिए और किसी तरह की गिल्ट में रहने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि आप यह महसूस करें कि अरे, आपके जीवन में कुछ और है या नहीं, यह भी न सोचें कि सारा काम आपको ही करना है केवल। हर परिवार की जिम्मेदारी है। आप अगर क्रिएटिव हैं, तो अपने स्पेस के समय को अपने काम में लगाएं। इससे आपको बहुत राहत मिलेगी और आप खुश रहेंगी और आपके दिमाग में कोई नकारात्मक ख्याल भी नहीं आएगा। साथ ही आपको आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आप किसी तरह के ब्लॉकेज जैसा महसूस नहीं करेंगी और जीवन में आपको हमेशा अच्छा महसूस होगा।
आपकी अपनी पहचान

आपको खुद के लिए यह पहचान बनानी ही होगी कि जीवन में सबकुछ ऐसे ही नहीं होता है कि आप खुद क्या है। वह खो दें। सिर्फ एक बहन या सिर्फ एक मां बन कर रह जाएं। आपको अपने लिए जीना जरूरी है और यह सोचना भी जरूरी है कि आप कौन हैं, तभी आप जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। इसलिए हर बार खुद से सवाल करें और वे सारे काम अपने लिए हर दिन करें, जो अच्छा लगता है। यह नहीं कि आज ये नहीं करना। आज वो नहीं करना है। हर दिन करते रहना है और इससे आपकी मेंटल स्थिति बिल्कुल बेहतर होगी, इसलिए इस बात को ध्यान में रखें। आप ऐसा करेंगी, तभी इस बात को समझ पाएंगी कि घर संभालने में अक्सर मां, पत्नी और घर की देखभाल करने वाली की भूमिकाओं के बीच का फर्क धुंधला हो जाता है। और इसलिए अपने विचारों को अहमियत दें जिंदगी में और आगे बढ़ें।
अपने बच्चे को देंगी सही परवरिश
कई बार हम अपने बच्चों को बचपन से ही यह सिखाने लगते हैं कि दूसरों के लिए जीना जरूरी है और दूसरों के बारे में पहले सोचें, फिर चाहे अपनी खुशियों की आहूति क्यों न देनी पड़े। फिर ऐसे ही हालात में इसका फायदा बड़े लोग उठाते हैं और परेशानियां क्रिएट करते हैं। फिर बच्चे भी उसी ढर्रे पर चलने लगते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप बच्चे को बदतमीज न बनाएं, लेकिन ऐसी परवरिश दें कि वे अपनी खुशियों का गला कभी न घोंटें। और एक बात का खास ख्याल रखें कि जब मांएं, अपनी भलाई को प्राथमिकता देती हैं और अपनी पर्सनल स्पेस के लिए सीमाएं तय करती हैं, तो वे अपने बच्चों को खुद से प्यार करने, सम्मान और अपनी देखभाल करने जैसे जरूरी सबक सिखाती हैं। इसलिए भी बेहद जरूरी है कि आप इन बातों का ख्याल रखें।
सोशल लाइफ को न बनाएं जीरो

जी हां, सोशल लाइफ में भी अगर आप धीरे-धीरे मिलना-जुलना छोड़ देंगी, तो आपके लिए चीजें तकलीफ देह हो जाएंगी और फिर लोगों को भी लगेगा कि आपको घूमना-फिरना अब पसंद नहीं। फिर इस तरह आप अपनी जिंदगी को बेहतर रख पाने में परेशान हो जाएंगी, इसलिए अपने दोस्तों से भी मिलते रहिए।