महिलाएं शक्ति का दूसरा रूप होती हैं। लेकिन शक्ति होने का टैग महिलाओं के लिए कई सारी जिम्मेदारी भी लेकर आता है। घर और परिवार को एक साथ संभालना और कई बार घर पर रहकर परिवार का ध्यान रखने की फ्रीक एक महिला के जीवन को आधा कर देती है। घर की रसोई से लेकर घर के फाइनेंस तक की जिम्मेदारी, एक महिला के लिए खुद को अनदेखा करने की सबसे बड़ी वजह बन जाता है। ऐसा करना एक महिला को मानसिक और शारीरिक तौर पर मुश्किल में डाल सकता है। ऐसे में एक सही मार्गदर्शन का होना जरूरी होता है। आइए विस्तार से जानते हैं महिला रोग विशेषज्ञ सोनिया चंदनानी से।
डायट पर दें ध्यान

सोनिया चंदनानी कहती हैं कि डायट पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए। अक्सर महिलाओं के पास खाने की समय नहीं मिलता है। हालांकि आपको खाने के लिए समय निकालना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है, तो आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आप कब और क्या खा रही हैं। पानी की मात्रा अधिक रखनी चाहिए और इस बात का ध्यान देना चाहिए कि खाने में अधिक से अधिक प्रोटीन और फाइबर की चीजें शामिल करें। रागी, ज्वार और कैल्शियम युक्त खाने को समावेश करें। लंबे समय तक तनाव रहने से उच्च रक्तचाप, नींद की समस्याएँ और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए खासतौर पर खान-पान का ध्यान रखना चाहिए।
परेशानी को करें साझा

अक्सर महिलाएं अपनी परेशानियों को साझा नहीं करती हैं। ऐसे में किसी किताब में अपने लिए सेल्फ नोट बनाएं और खुद की समस्याओं को एक पन्ने पर लिखें। इससे यह होगा कि अगर आप किसी से अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाती हैं, तो उसे किसी पन्ने पर लिखने से आपको ऐसा महसूस होगा कि आप किसी के साथ परेशानी साझा कर रही हैं, इससे आपके मन को हल्का महसूस हो सकता है। साथ ही आप तनाव के दौरान खुद को अपने पसंद की किसी न किसी एक्टिविटी में व्यस्त रखना चाहिए। साथ ही हंसना न भूलें।
योग और एक्सरसाइज

सोनिया ने इस बात पर भी जोर दिया है कि आपको योग और एक्सरसाइज पर भी फोकस करना चाहिए। योग को अपने जीवन में जरूर शामिल करें। अगर आपके पास समय नहीं है, तो सुबह उठने के साथ पांच मिनट अपनी जगह पर बैठकर आंख बंद करके बैठ जाएं। रसोई में खड़े होकर उठ कर बैठने वाली एक्सरसाज करें। किसी जानकार की मदद से आसान होम एक्सरसाइज करें। साथ ही चलना न भूलें। आप जितना चलेंगे, उतना ही एक्टिव रहेंगे। अगर आपको पैरों में दिक्कत है, तो इसके लिए डाक्टर से संपर्क करें।
ये वक्त गुजर जाएगा मंत्र अपनाएं

महिलाओं के लिए यह समझना भी जरूरी है कि ये वक्त भी गुजर जाएगा। जी हां, अगर किसी भी तरह की परेशानी या दिक्कत आती है, तो हिम्मत से काम लें और यह समझें कि अभी का वक्त कायम नहीं रहेगा। यह वक्त भी गुजर जाएगा। खुश रहने के लिए वजह की तलाश न करें। आप किसी भी परेशानी को खुद पर हावी नहीं होने दें।
रूटीन चेकअप को न करें अनदेखा

सोनिया कहती हैं कि जैसा कि मैं हमेशा कहती आयी हूं कि महिलाओं को रूटीन चेकअप को अनदेखा नहीं करना चाहिए। 20 साल के बाद 30 साल के बाद और 40 की उम्र के पड़ाव में आगे बढ़ने के दौरान खुद के सेहत की जांच हर महीने या फिर 3 महीने में जरूर करानी चाहिए। इससे महिलाओं के बीपी, शुगर के साथ कई बड़ी बीमारियों से भी सुरक्षित रहने का रास्ता मिलता है और समय पर इलाज मिलता है।