आप जब भी आजकल शादियों में जाएं या किसी भी फंक्शन में। दस मिनट की बातचीत के बाद आप सीधे अपने मोबाइल में झांकने लगते हैं, तो कई बार आपका पूरा ध्यान इस बात पर रहता है कि किसने क्या पहना है और फिर बच्चे वही बातें सीखने लग जाते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि हम अपने बच्चे को बताएं कि आखिर रियल मायने में सेलिब्रेशन क्या है, जिससे कि उनका रिश्ता भौतिकतावादी न बने।
हर बार तोहफे या नए कपड़े जरूरी नहीं

यह बेहद जरूरी है कि आप इस बात को समझें कि हर बार सेलिब्रेशन के दौरान बच्चों को तोहफे देना जरूरी नहीं है और न ही उन्हें नए कपड़े ही पहनाने चाहिए। उन्हें हमेशा इस बात पर गौर करना चाहिए कि तोहफे और कपड़े अधिक रहें यह जरूरी नहीं है, बल्कि पारिवारिक मूल्यों को संवारना जरूरी है। इसलिए उन्हें पारिवारिक मूल्यों के बारे में बताएं, न कि उन्हें यह बताएं कि कपड़े पहनना ही सेलिब्रेशन है, वरना उनकी बुनियाद ही कमजोर हो जाएगी और धीरे-धीरे सेलिब्रेशन का मतलब गलत ही समझेंगे। बच्चे को सेलिब्रेशन का असली मतलब सिखाने का मतलब है कि ध्यान को मटीरियल गिफ्ट्स और पार्टियों से हटाकर कनेक्शन, आभार और साझा मूल्यों पर लाया जाए।
बच्चों को दें जिम्मेदारियां
अक्सर बच्चे, जब खुशियों से चीजों को देखते हैं और उन्हें खुद का इनवॉल्वेंट यानी कि वे खुद को शामिल किया हुआ समझते हैं, तब वह उत्सवों को अधिक प्राथमिकता देते हैं, इसलिए आपको भी बच्चों को थोड़ी जिम्मेदारियों को देकर उन्हें उत्सवों का हिस्सा बनने दें। जैसे कि उन्हें शुरू से ही प्लानिंग में शामिल करें, इससे उनमें लीडरशिप और टीमवर्क स्किल्स बढ़ती है, अगर वह समझदार हो गए हैं, तो उन्हें मेन्यू प्लानिंग, सजावट करने या मेहमानों की लिस्ट बनाने में शामिल करें। साथ ही साथ उन्हें घर की सफाई करने, साथ में पारंपरिक रेसिपी बनाने या हाथ से बनी सजावट बनाने में शामिल करें। गौरतलब है कि यह सिखाता या दर्शाता है कि इवेंट के पीछे की मेहनत भी उत्सव का ही एक हिस्सा हैं।
कहानियां सुनाएं

यह बेहद जरूरी है कि बच्चों को ऐसे बच्चों की कहानी सुनाई जाये, जो प्रेरणादायक रहे और उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ किया हो और किसी के लिए वह एक खास प्रेरणा बन गए हों। साथ ही त्योहारों से जुड़ीं कहानियां भी उन्हें समृद्ध करती हैं और कहानी सुनाकर उन्हें क्यों का महत्व बताएं। किसी भी मौके की अहमियत समझाने के लिए कहानियों, मिथकों या पारिवारिक इतिहास का इस्तेमाल करें। उस घटना के पीछे के नैतिक मूल्यों पर चर्चा करें, जैसे बुराई पर अच्छाई की जीत (दिवाली) या माफी का महत्व (होली)। इससे उनके दिमाग में यह बात बैठेगी कि सिर्फ नए कपड़े पहनना ही या मोबाइल फोन से बात कर लेना सेलिब्रेशन नहीं है।मोबाइल फोन दूर रखें
आपको इस बात को भी खुद को भी समझाना होगा कि किसी भी सेलिब्रेशन में या हम अगर कहीं घूमने-फिरने जा रहे हैं तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हर वक्त या तो मोबाइल फोन देखा जाये या फिर मोबाइल से हर मोमेंट कैप्चर करना भी सही नहीं होता है। उन्हें मोमेंट्स को जीना सिखाइए। उन्हें मोबाइल से कोसों दूर रखियेगा, तभी वह रियल मायने में महत्व समझेगा।
लेने से अधिक देना सिखाएं
यह कला भी सीखनी चाहिए और बच्चों को भी सिखाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि बच्चे की समझ बढ़े और बच्चा लेने से अधिक देने में यकीन करें। बच्चों को इस बात पर यकीन करना सीखा दें कि सेवा के काम करना अच्छा होता है और परिवार के साथ वॉलंटियर करें, पुराने खिलौने/कपड़े दान करें या पड़ोसियों के लिए कुछ मीठा बनाएं। साथ ही हाथ से बने तोहफे अच्छे होते हैं, यह भी सिखाएं। उन्हें कार्ड या छोटे तोहफे बनाने के लिए प्रोत्साहित करें, जो उन्हें सहानुभूति और कीमत से ज्यादा मेहनत की अहमियत सिखाता है।
रोजाना आभार व्यक्त करना सिखाएं
एक और बात जो समझना जरूरी है कि आपको अपने बच्चे में रोजगार की भावना को पैदा करना आना चाहिए, साथ ही उन्हें सिखाएं कि सेलिब्रेशन एक ऐसी सोच है, जिसमें हम अपने पास जो कुछ है, उसकी सराहना करते हैं। आपको रोजाना धन्यवाद के नोट्स इकट्ठा करने के लिए ग्रैटिट्यूड जार जैसे टूल का इस्तेमाल करना या ग्रैटिट्यूड ट्री बनाएं, जहां कागज की पत्तियां आशीर्वाद को दिखाती हैं। साथ ही रात के खाने या सोने के समय आसान सवाल पूछें, जैसे किसने आपका दिन बेहतर बनाया? या आज आपको किस बात पर मुस्कान आयी। इन बातों को जीवन में शामिल करना बेहद जरूरी है।
गतिविधियां करवाएं

एक बात का आपको खास ख्याल रखना है कि पारंपरिक खेल और संगीत में उन्हें शामिल करना है और स्क्रीन टाइम की जगह पारंपरिक लोक खेल या संगीत को अपनाएं, जो उन्हें उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है।
साथ ही सांस्कृतिक खोज दिखाने के लिए कि उत्सव इतिहास और विविधता का सम्मान करने का एक तरीका है, स्थानीय विरासत उत्सवों में भाग लें या संग्रहालयों का दौरा करें। इनके अलावा, यह जोर देने के लिए कि यादें और रिश्ते किसी भी पार्टी का सबसे मूल्यवान परिणाम हैं, पिछली पार्टियों की एक स्क्रैपबुक या पारिवारिक फोटो एल्बम बनाएं।
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