कपल्स के बीच विशेष रूप से अपने रिश्तों को लेकर फ्लेक्सिबल एटीट्यूड बेहद जरूरी है, क्योंकि यही चीजें आपके रिश्ते को सफल और खुशहाल बनाती हैं। आइए जानते हैं क्लिनिकल सायकोलॉजिस्ट हिरल से, किस तरह कपल्स एक-दूसरे के प्रति फ्लेक्सिबल एटीट्यूड अपनाकर अपने रिश्ते को गहराई दे सकते हैं।
आपसी समझ बढ़ाते हुए सुलझाएं कॉन्फ्लिक्ट

एक स्थिर और मजबूत रिश्ता तभी संभव है, जब दोनों लोग एक-दूसरे के विचारों और फैसलों का सम्मान करें और अपने दृष्टिकोण को बदलने के लिए तैयार रहें। हालांकि हर रिश्ता उतार-चढ़ाव से गुजरता है। ऐसे में यदि आप दोनों एक दूसरे के प्रति फ्लेक्सिबल होंगी, तभी अपने झगड़े या असहमति को आसानी से सुलझा पाएंगी। इसके अलावा जब आप अपने पार्टनर के प्रति फ्लेक्सिबिलिटी दिखाती हैं, तो इससे आपके पार्टनर के दिलो-दिमाग में यह बात पक्की हो जाती है कि आप उनके भावनाओं और विचारों की कद्र कर रही हैं और इससे आप दोनों के बीच संवाद भी बेहतर होता है। इसके अलावा फ्लेक्सिबल एटीट्यूड रखने से आप न सिर्फ नई-नई चीजें सीखती हैं, बल्कि अपने व्यवहार को समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलना भी सीख जाती हैं और ये रिश्तों के साथ पर्सनली भी आपके लिए फायदेमंद होता है।
अपेक्षाओं के साथ अपने ईगो पर करें कंट्रोल
इसमें दो राय नहीं कि जहां कठोरता, रिश्तों में तनाव पैदा कर देती है, वहीं फ्लेक्सिबिलिटी से आप अपनी और अपनों की जिंदगी को खुशहाल बना सकती हैं। लेकिन कई बार चीजें न चाहते हुए भी इतनी बिगड़ जाती हैं कि जानते बुझते भी आप वो नहीं कर पाती। ऐसे में जरूरी है कि आप धैर्य से काम लें। हालांकि अपने पार्टनर के प्रति फ्लेक्सिबल एटीट्यूड अपनाने के लिए सबसे जरूरी है उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए, उन्हें सुनना और समझना। संभव हो तो कुछ देर के लिए अपनी अपेक्षाओं के साथ अपने ईगो को थोड़ा कम कर दें और किसी भी समस्या को मिलकर हल करने की कोशिश करें। हो सकता है थोड़ी देर पहले हुई छोटी सी लड़ाई में उन्होंने आपकी आलोचना कर दी हो, तो उससे तिलमिलाकर पलटवार करने की बजाय उस पर विचार करें। हो सकता हीट ऑफ द मोमेंट में आपने भी उन्हें कुछ कह दिया हो, तो बिना हिचकिचाए और बिना देर किए माफी मांग लें। आप चाहें तो बाद में शांति से उन्हें अपना पॉइंट समझा भी सकती हैं, लेकिन गुस्से में नहीं।
समझें एक-दूसरे की प्राथमिकताएं

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जहां चीजें हमारी प्लानिंग के अनुसार नहीं होतीं। ऐसे में अपने पार्टनर के प्रति आपका फ्लेक्सिबल एटीट्यूड बहुत कारगर साबित होता है, क्योंकि एक-दूसरे को समझने वाले पार्टनर मिलकर मुश्किल समय का सामना बेहतर तरीके से कर लेते हैं। हालांकि सेम-सेम बट डिफरेंट वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इसका मतलब यह है कि भले ही आप दोनों एक जैसी सोच रखते हों, लेकिन कुछ जगहों पर आपका थोड़ा सा अलग होना आपके पार्टनर के लिए बेहद जरूरी भी है, वरना आपके रिश्तों में नीरसता भर जाएगी। इसलिए विविधता अपनाते हुए बदलाव के लिए सदैव तैयार रहें और नए अनुभवों, विचारों और रोमांच के साथ अपने रिश्ते को दिलचस्प और जीवंत बनाए रखें। अपने ईगो को रखें रिश्तों से दूर
कठोरता अक्सर अहंकार का परिणाम होती है और अहंकार रिश्ते जोड़ने की बजाय तोड़ने की कोशिश में लगा रहता है। ऐसे में रिश्तों के बीच गलती से भी ईगो को न आने दें। एक दूसरे के प्रति समर्पण, विश्वास और फ्लेक्सिबिलिटी के साथ आप न सिर्फ रिश्तों में सहजता और अपनापन बढ़ा सकती हैं, बल्कि अहंकार को भी हरा सकती हैं। इसके अलावा एक दूसरे के प्रति आपका प्यार से भरा व्यवहार आपके साथ आपके अपनों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। दरअसल तनाव, असहमति, और झगड़े का नकारात्मक प्रभाव न सिर्फ आपके रिश्तों पर पड़ता है, बल्कि आप दोनों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता हकैसे अपनाएं फ्लेक्सिबल एटीट्यूड

हो सकता है कभी-कभी अपने पार्टनर की खुशी के लिए आपको अपने विचारों और इच्छाओं से समझौता करना पड़ता हो, लेकिन आप इन समझौतों को कमजोरी के रूप में देखने की बजाय इसे रिश्ते को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखें, तो बेहतर होगा। इसके अलावा यदि आपको आपके पार्टनर की कोई आदत बुरी लग रही हो तो उसे बलपूर्वक बदलने की बजाय धैर्यपूर्वक समझने की कोशिश करें, क्योंकि हर व्यक्ति का अपना एक अलग व्यक्तित्व होता है। हर परिस्थिति में खुद को सही साबित करना आपके रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में कभी-कभी अपने पार्टनर की बातों को भी महत्व दें। इसके अलावा रिश्ते हर समय अपना स्वरूप बदलते रहते हैं। ऐसे में यदि कोई बदलाव आपको खटक रहा हो तो आप अपने पार्टनर के साथ उस पर खुलकर बात करें और अपनी भावनाओं को साझा करें। याद रखिए जब आप दोनों अपनी बात कहने और सुनने के लिए तैयार रहते हैं, तो फ्लेक्सिबिलिटी अपने आप विकसित हो जाती है।
ै।
है