हमें इस बात का एहसास नहीं होता कि कुछ लोगों का हमारी जिंदगी में होना कितना जरूरी है और वे किस तरह से हमें सुकून देते हैं। कुछ ऐसा ही दो महिला मित्रों में होता है, वो महिला मित्र आपके परिवार की भी कोई सदस्य हो सकती है या फिर आपके जीवन में कोई भी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
नहीं करती हैं जज

फीमेल फ्रेंडशिप का साथ होना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि फीमेल फ्रेंडशिप की सबसे खास बात यह होती है कि वे एक दूसरे को जज नहीं करती और इसलिए तो वो दोस्त होती हैं। उनकी ये सबसे बड़ी खूबी होती है कि वे चीजों को और आपकी भावनाओं को अच्छे समझती हैं। जाहिर है, ऐसे में उन्हें सुरक्षित जगह मिलती है, यानी कि सेफ प्लेस महसूस करती हैं। इसलिए खुल कर वो अपने विचार, डर और कमजोरियां साझा कर पाती हैं कर भावनात्मक बातों को समझती हैं। साथ ही मुश्किल समय में दोस्त साथ और हमदर्दी देते हैं, जिससे महिलाओं को लगता है कि उनकी बात सुनी और समझी जा रही है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए भी इन बातों को अच्छी तरह से समझना ही चाहिए। इस बारे में एक्सपर्ट किरण का मानना है कि mens are from mars and women are from venus, इसका सीधा मतलब यही है कि पुरुष और महिला पूरी तरह से अलग होते हैं। ऐसे में 'जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी' में छपी एक स्टडी के अनुसार, शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित जिन महिलाओं के ज्यादा दोस्त नहीं थे, तो उस वक़्त उन्हें कैंसर से मरने का ख़तरा चार गुना ज़्यादा था। वहीं, शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित जिन महिलाओं का दोस्तों का दायरा बड़ा था, उनके बचने की दर (सर्वाइवल रेट) काफी बेहतर हुई है। तो इससे इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि कहीं न कहीं महिलाएं एक दूसरे को बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम देती हैं।
इमोशनल सिस्टम

महिलाओं को लेकर आपको यह बात समझनी होगी कि महिलाएं एक-दूसरे के लिए इमोशनल सपोर्ट सिस्टम होती हैं। उन्हें सलाह देने, दुख-दर्द बांटने, राज छिपाने, बात सुनने और आत्मविश्वास बढ़ाने से लेकर मजबूत और स्वस्थ महिला दोस्ती बनाने तक, महिलाओं का इमोशनल रूप से पूरा सपोर्ट मिलता है। एक्सपर्ट किरण मानती हैं कि महिलाओं को स्वाभाविक रूप से चीज़ों को भांप लेने की क्षमता का एहसास हो जाता है और बिना कहे भी महिलाएं सामने वाली बात को समझ पाती हैं। और आगे बढ़ने के बारे में सलाह देती हैं। गर्लफ्रेंड्स में भावनाओं को समझने और सहज रूप से यह पहचानने का एक खास तरीका होता है कि क्या करने की ज़रूरत है, और फिर वे उसी के अनुसार काम करती हैं।
जगह बदलती है इमोशन नहीं
महिलाओं की दोस्ती के साथ ये बात भी होती है कि जब दूरी भी आ जाती है, तब भी दोस्ती बरक़रार रहती है। फिर चाहे इसे तोड़ने की कितनी भी जरूरत पड़े, बाहरी बदलावों से ये रिश्ते आसानी से नहीं डगमगाते। करियर में बदलाव, दूसरी जगह बसने और निजी जीवन में आने वाले बदलावों के बावजूद ये रिश्ते मज़बूत बने रहते हैं। साथ ही भावनाओं को समझने और उन पर बात करने के तरीके में भी फ़र्क होता है। अमूमन ऐसा होता है कि पुरुष अक्सर तुरंत समाधान खोजने की कोशिश करते हैं, वहीं महिलाएं अक्सर बातचीत के लिए समय और जगह चाहती हैं। लंबी बातचीत के ऐसे दौर के लिए धैर्य, सहानुभूति और भावनात्मक जुड़ाव की ज़रूरत होती है। समय के साथ, भावनाओं को इस तरह साझा करने से गहरा जुड़ाव बनता है। और ये दोस्ती तब और मज़बूत होती है, जब आप एक-दूसरे को अपने अलग-अलग रूपों में बार-बार देखते और समझते हैं।
लंबा होता है सफर

एक्सपर्ट किरण कहती हैं कि फीमल फ्रेंडशिप इस लिए भी लम्बे समय तक चलती है, क्योंकि एक बार जिस महिला से दिल मिल जाते हैं, तो दिल मिल जाते हैं। इसलिए शायद कहा जाता है कि दो महिलाओं की दोस्ती अक्सर रोमांस से ज्यादा समय तक चलती है, इसलिए नहीं कि यह आसान होती है, बल्कि इसलिए कि यह अलग तरह से बनती है। यह दोस्ती साथ बिताए समय, एक-दूसरे को समझने और अपनी मर्जी से चुनने पर टिकी होती है। ऐसी दुनिया में जो लगातार महिलाओं को बताती रहती है कि उनकी अहमियत क्या है, ये दोस्ती उन्हें वह देती है जिसकी उन्हें ज़िंदगी भर सच में ज़रूरत होती है। साथ ही यह एक ऐसी बॉन्डिंग होती है, जिसमें खुद को छोटा करने, सफाई देने या कोई और बनने की जरूरत नहीं पड़ती। और शायद यही वह असली रोमांस है जिसकी तलाश हमें हमेशा से करनी चाहिए थी।
हर हाल में करती है चीयर्स
एक बात जो फीमेल फ्रेंडशिप में सबसे खास होती है कि महिला चीयर करती हैं दूसरी महिला के लिए और कई बार जो एक महिला अपना पूरा आत्मविश्वास खो चुकी होती हैं, उन्हें वही प्यार दोबारा मिलता है और फिर वे खुद को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं और पूरी उम्मीद करती कि भविष्य में उन्हें हमेशा अच्छा साथ मिले। महिला दोस्त हमेशा ही आपका हौसला बढ़ाती हैं और हर काम में आपका साथ देती हैं। एक मजबूत सहेलियों के समूह में ईर्ष्या और हतोत्साहन जैसी कोई बात नहीं होती। वे हर हाल में आपका भला ही चाहती हैं। फिर चाहे वो कोई भी समय हो, आपके लिए वे खड़ी रहती हैं।