फर्ज कीजिए, आप टेंशन में हैं किसी बात को लेकर कि अचानक फोन की घंटी बजती है और आप फोन उठा लेती हैं, सामने वाली आपकी दोस्त ने आपको कुछ ऐसी बात कह दी है कि आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, जी हां, तकनीक ने वीडियो फोन और फेस टाइम की वजह से कई मायनों में थेरेपी की तरह काम किया है कई महिलाओं के लिए, जो दूर बैठी अपनी दोस्त से घंटों बातें करके भी अपने लिए सुकून का स्पेस ढूंढ लेती हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
दिल की बातें साझा करना

अमूमन हमारा इन बातों पर ध्यान नहीं जाता, लेकिन हर दिन की परेशानियां ही धीरे-धीरे आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती हैं। हर दिन कुछ न कुछ एक महिला के जीवन में घटित होता रहता है और घर की दिनचर्या की चीजों में तो परेशानी और रहती है, और यही फिर तनाव का कारण बनता है, इसलिए बेहद जरूरी है कि दिल की बातें साझा की जाये, इससे उनकी परेशानी दूर हो जाती है। अगर तकनीक की बात करें, तो वीडियो और वॉइस कॉल और घंटों तक बातचीत से काफी मानसिक संतुलन बरकरार रहता है और WhatsApp, FaceTime और Zoom जैसे ऐप्स दूर रहने वाले दोस्तों को भी आपके बिल्कुल पास होने का एहसास कराते हैं। वहीं इमोशनल सपोर्ट की बात करें, तो शादी, बच्चे होने या करियर बदलने जैसे जिंदगी के अहम मौकों पर दोस्त वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे के साथ खुशी और गम बांटते हैं। वहीं वर्चुअल टी-डेट्स भी अलग-अलग शहरों में रहने के बावजूद, महिलाएं चाय पीते हुए एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियां और दुख बांटती हैं।
सोशल मीडिया और ग्रुप चैट

गौरतलब है कि इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर तस्वीरें और कहानियां शेयर करके रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है और कई महिलाएं, खुद को इसमें इसलिए शामिल रखना चाहती हैं, ताकि कुछ समय के लिए वह अपने लिए समय निकाल पाएं और जी सकें, वहीं स्कूल-कॉलेज ग्रुप में भी व्हाट्सएप ग्रुप के लिए जरूरी पुरानी दोस्ती बरसों बाद भी जिंदा है। अगर बात करें, मॉम ग्रुप की तो, कई नई मांएं बच्चों की बेटी (पेरेंटिंग) से जुड़े सवाल और परेशानियां ऑनलाइन ग्रुप में शेयर करती हैं और यह शानदार तरीका होता है कि महिलाएं खुद की परेशानियां सुलझा सकें।
ऑनलाइन समुदाय और सुरक्षित स्थानकेवल महिलाओं के लिए मंच
फेसबुक और रेडिट पर ऐसे कई ग्रुप हैं, जहां महिलाएं बिना किसी हिचकिचाहट के बात करती हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह बेहद जरूरी भी है। तनाव और चिंता से लड़ने के लिए ऑनलाइन सहायता समूहों ने महिलाओं को एक सुरक्षित स्थान दिया है। दरअसल, घर बैठे बिजनेस करने वाली (होमप्रेन्योर्स) महिलाएं तकनीकी के लिए जरूरी दूसरी महिलाएं से सीखती और जुड़ती हैं।
सुरक्षा और सहोलियत (सुरक्षा और सुविधा) लाइव लोकेशन शेयरिंग

गौरतलब है कि इन तकनीकों की वजह से महिलाएं रात को सफर करते वक्त दोस्त या मां को लाइव लोकेशन भेज कर सुरक्षित महसूस करती हैं। वहीं इमरजेंसी के वक्त एक क्लिक पर दोस्त और परिवार तक मदद मांग जाती है। इसलिए यह सारी सुविधा भी कमाल की सुविधा है, जिसे अपनाना शानदार होता है।