संचिता पाटिल देवल ने मल्लखंब में अपना करियर बनाने का फैसला किया और उनका यह सफर मलखंब कोच के तौर पर जारी है। बीते कई सालों से संचिता 3 साल की उम्र से लेकर 30 साल की महिलाओं तक को मल्लखंब की ट्रेनिंग दे रही हैं। इसके लिए उनकी मल्लखंब संस्था काम कर रही हैं। हालांकि भारत के सबसे प्राचीन खेल मलखंब को देश के हर कोने में पहुंचाने के लिए कुछ साल पहले उन्होंने मल्लखंब लव्ह यूट्यूब चैनल की शुरुआत की और उनके इस चैनल ने कई ऐसी लड़कियों की मदद की है, जिनके पास मल्लखंब की ट्रेनिंग लेने की सुविधा नहीं है। चलिए मिलते हैं, संचिता पाटिल देवल से और जानते हैं उनकी जुबानी मल्लखंब पट्टू बनने की कहानी।