हम अक्सर टॉवल यानी तौलिये का ध्यान नहीं रख पाते हैं कि उसकी सफाई जरूरी है और वे कितनी बार बदली जानी चाहिए। साथ ही यह भी जानने की कोशिश करते हैं कि सस्टेनबल टॉवेल्स क्यों इस्तेमाल में लाना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
कैसे खरीदें टॉवल

टॉवल खरीदते समय कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है, जिनमें कि यह याद रखना बेहद जरूरी होता है। उनका मटीरियल - अलग-अलग मटीरियल की सोखने की क्षमता अलग-अलग होती है। कॉटन पानी को बहुत अच्छे से सोखता है, जबकि माइक्रोफाइबर टॉवल जल्दी सूखने के लिए बनाए जाते हैं। उनका मटीरियल - अलग-अलग मटीरियल की सोखने की क्षमता अलग-अलग होती है। कॉटन पानी को बहुत अच्छे से सोखता है, जबकि माइक्रोफाइबर टॉवल जल्दी सूखने के लिए बनाए जाते हैं। आपको यह भी समझना है कि उनकी मोटाई, आम तौर पर, ज्यादा GSM वाले मोटे टॉवल ज्यादा पानी सोखते हैं और वे ज्यादा मुलायम और शानदार महसूस होते हैं। वहीं ज्यादा फाइबर डेंसिटी की वजह से, मोटे टॉवल त्वचा पर ज्यादा मुलायम और आरामदायक महसूस होते हैं। टॉवल का इस्तेमाल किसलिए किया जाना है, यह उसके डिजायन और काम पर असर डालता है। उदाहरण के लिए, बाथ शीट और बाथ टॉवल नहाने के बाद शरीर को सुखाने के लिए बनाए जाते हैं, जबकि फेस क्लॉथ सिर्फ चेहरा साफ करने और धोने के लिए बनाए जाते हैं। टॉवल का साइज - भले ही यह साफ बात हो, लेकिन बड़ा टॉवल ज़्यादा जगह कवर करता है और आप उसमें खुद को पूरी तरह लपेट सकते हैं, जबकि छोटा टॉवल आपके हाथ, चेहरा और शरीर के दूसरे छोटे हिस्सों को सुखाने के काम आता है। इसलिए, टॉवल का साइज पक्का करने में एक जरूरी बात है कि टॉवल अपने मकसद को पूरी तरह से पूरा करे। ज्यादा फाइबर डेंसिटी की वजह से, मोटे टॉवल त्वचा पर ज्यादा मुलायम और आरामदायक महसूस होते हैं।
जरूरी है जानकारी
सस्टेनेबल तौलिए, रिन्यूएबल प्लांट फाइबर, जहरीले केमिकल-मुक्त मैन्युफैक्चरिंग और पानी बचाने वाले प्रोडक्शन तरीकों का इस्तेमाल करके पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करते हैं। सबसे इको-फ्रेंडली मटीरियल में GOTS-सर्टिफाइड ऑर्गेनिक कॉटन शामिल है, जिसमें आम कॉटन के मुकाबले 91 प्रतिशत तक कम पानी का इस्तेमाल होता है। इसलिए ऐसे टॉवल का इस्तेमाल सबसे बेस्ट होता है और ऐसा ही इस्तेमाल करना भी चाहिए। तौलियों के बारे में जरूरी बातों में उन्हें कितनी बार धोना है, फैब्रिक सॉफ़्टनर का इस्तेमाल और GSM रेटिंग शामिल हैं। इन बातों को जानने से आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है और आपके लिनेन मुलायम बने रहते हैं।
वॉशिंग केयर

अपने तौलिये को लेकर आपको यह जानकारी भी जरूर होनी चाहिए कि इन्हें समय - समय पर जरूर धोना है, क्योंकि टॉवल आपके शरीर में डायरेक्ट टच होता है, इसलिए उसकी सफाई बेहद जरूरी है। साथ ही बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ने से रोकने के लिए नहाने के बाद या बाथ तौलिये को 3 से 4 बार इस्तेमाल करने के बाद धोएं। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आपको फैब्रिक सॉफ्टनर का प्रयोग नहीं करना है, सॉफ्टनर सूती कपड़े पर एक मोम जैसी परत छोड़ देते हैं, जो पानी सोखने की क्षमता को कम कर देती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपको इसे धोने के लिए सिरके का प्रयोग करना है और साबुन के जमाव को हटाने और तौलिये की कोमलता को वापस लाने के लिए धुलाई के दौरान सफेद सिरका डालें। अब अगर पानी के तापमान की बात करें, तो शरीर के तेल को पिघलाने और कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से नष्ट करने के लिए 40°C या उससे अधिक गर्म पानी में धोएं। फिर हर बार इस्तेमाल के बाद तौलिये को खुली जगह पर पूरी तरह सूखने के लिए लटकाएं।
क्वालिटी चेक
आप किस क्वालिटी के टॉवल इस्तेमाल कर रही हैं, इसके लिए आपको GSM चेक करना चाहिए। साथ ही मुलायम रखने के लोए और जल्दी सूखने के अच्छे कॉम्बिनेशन के लिए 400 से 600 GSM रेटिंग वाला टॉवल चुनें।वही अगर कॉटन की क्वालिटी की बात करें, तो बेहतर टिकाऊपन के लिए लंबे रेशे वाले कॉटन, जैसे टर्किश या इजिप्शियन कॉटन चुनें। इस बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए कि इस्तेमाल होने वाले टॉवल को हर 18 से 24 महीने में बदलें क्योंकि समय के साथ इनके रेशे खराब हो जाते हैं। इस बारे में अगर आपका टॉवल पानी सोखने के बजाय उसे बस इधर-उधर फैला रहा है, तो नया टॉवल लेने का समय आ गया है। एक बात का और ख्याल रखना है कि टॉवल को कभी भी जींस या सिंथेटिक कपड़ों के साथ न धोएं।
तरह-तरह के टॉवल

अगर तरह-तरह के टॉवल की बात करें, तो बाथ टॉवेल्स की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। ज्यादातर बाथरूम में इस्तेमाल होने वाले बाथ टॉवल को इस तरह बनाया जाता है कि वे नमी को तेजी से सोख लें और साथ ही आराम और सुविधा भी दें। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से शरीर के बड़े हिस्से को ढकने के लिए किया जाता है, जो आरामदेह शॉवर या नहाने के बाद शरीर को सुखाने के लिए बहुत अच्छे होते हैं। सही बाथ टॉवल से आपको आराम और गर्माहट का एहसास होना चाहिए और सबसे ज़रूरी बात यह है कि इससे आप जल्दी सूख सकें। वहीं अगर हैण्ड टॉवल्स की बात करें, तो हैंड टॉवल रोजाना इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं और हर बार हाथ धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाते हैं। हैंड टॉवल बाथ टॉवल जितने बड़े नहीं होते, लेकिन इनका काम भी उतना ही ज़रूरी होता है। छोटे साइज की वजह से इन्हें सिंक के पास, किचन या बाथरूम में आसानी से रखा जा सकता है, ताकि ये जरूरत पड़ने पर आसानी से मिल सकें। चेहरे को पोंछने वाला तौलिया (face cloth) की बात करें, तो नहाने या हाथ पोंछने वाले तौलिये से काफी छोटा होता है; इसका साइज आमतौर पर लगभग 12 x 12 इंच होता है। ये अक्सर मुलायम होते हैं, इसलिए चेहरे के इस्तेमाल के लिए बहुत अच्छे होते हैं। वहीं अगर स्टैंडर्ड बाथ टॉवल से काफी बड़े, बीच टॉवल कई तरह से काम आते हैं। ये आपको रेत या पूल के किनारे आराम से लेटने के लिए काफी जगह देते हैं, आपको जल्दी सुखाते हैं और सीधी धूप से कुछ हद तक बचाव भी कर सकते हैं।