घर की साफ-सफाई में बेहद जरूरी है कि आप सस्टेनेबल तरीकों का इस्तेमाल करें। आइए जानते हैं विस्तार से।
रखें इन बातों का ख्याल

घर की जब भी सफाई के बारे में सोचें, आपको इस बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि वह किसी भी तरीके से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए। ऐसे में केमिकल की जगह सफेद सिरका, बेकिंग सोडा और कैस्टील सोप जैसी प्राकृतिक और कई कामों में आने वाली चीजों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है और साथ ही इनके साथ स्वीडिश डिशक्लॉथ और नारियल के रेशे वाले स्क्रबिंग पैड जैसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले और खाद बन सकने वाले टूल्स का इस्तेमाल करें, ताकि प्लास्टिक और कागज का कचरा बहुत कम हो सके।
ये चीजें हैं कमाल की
घर की सफाई के लिए प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है और इस मामले में सफेद सिरका का इस्तेमाल सबसे अच्छा होता है, इसकी खूबी यह होती है कि यह एक शानदार प्राकृतिक कीटाणुनाशक, चिकनाई हटाने वाला और दुर्गन्ध को दूर करने वाला होता है और जब आप इसे बराबर मात्रा में पानी के साथ मिला लेती हैं, तो इसका इस्तेमाल दोबारा किया जा सकता है। यह मल्टी पर्पस वाला क्लींजर हो जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इनका इस्तेमाल संगमरमर या ग्रेनाइट जैसे प्राकृतिक पत्थरों पर इसका इस्तेमाल करने से बचने की कोशिश करें, तो बेहतर होगा।
तरीका यह भी सही होगा

अब बात अगर बेकिंग सोडा की की जाये, तो यह एक बहुत अच्छा होता है, इसका इस्तेमाल बाथटब को साफ करने, स्टोवटॉप साफ करने और कालीन या रेफ्रिजरेटर से दुर्गंध हटाने के लिए एकदम सही है। वही अगर बात कैस्टिल साबुन की की जाये, तो जैतून या नारियल तेल जैसी सामग्री से बना एक सौम्य, पौधों पर आधारित और साबुन माना जाता है और इसका इस्तेमाल पोछा लगाने, बर्तन धोने या अपने खुद के सौम्य सतह क्लीनर बनाने के लिए किया जा सकता है। साथ ही नींबू और नारियल तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, नींबू का रस नैचुरल ब्लीचिंग और एंटीबैक्टीरियल गुण देता है, जबकि एसेंशियल ऑयल (जैसे टी ट्री या लैवेंडर) बिना किसी सिंथेटिक खुशबू के अच्छी महक और एंटीमाइक्रोबियल होते हैं, जो काफी फायदेमंद होते हैं।
दोबारा इस्तेमाल होने वाले और पर्यावरण के अनुकूल टूल्स
एक बात का ख्याल रखें कि माइक्रोफाइबर कपड़े या स्वीडिश डिशक्लॉथ बहुत अच्छे होते हैं और आपको डिस्पोजेबल पेपर टॉवल की जगह दोबारा इस्तेमाल होने वाले माइक्रोफाइबर कपड़े या कम्पोस्ट होने वाले स्वीडिश डिशक्लॉथ का इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इन्हें मशीन में धोया जा सकता है और सैकड़ों बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इनके अलावा आप गौर करें तो नारियल के रेशे वाले स्क्रबर अच्छे होते हैं और पारंपरिक प्लास्टिक स्पंज और स्टील वूल की जगह नारियल के रेशे और रबर से बने प्राकृतिक, कम्पोस्ट होने वाले डिश पैड का इस्तेमाल करना अच्छा होता है और साथ ही साथ कांच की स्प्रे बोतलें अच्छी होती है, आप एक बात का ध्यान रख सकती हैं कि प्लास्टिक की नई स्प्रे बोतलें खरीदने के बजाय, घर पर बनाए गए घोल के लिए कांच की मजबूत स्प्रे बोतलों का दोबारा इस्तेमाल करें या खरीदें। साथ ही साथ प्राकृतिक लूफा का इस्तेमाल भी किया जा सकता है और बर्तन, सिंक या बाथरूम की सफाई के लिए प्राकृतिक, पौधों से बने लूफा का इस्तेमाल करें।
सस्टेनेबल तरीके - ठंडे पानी से धुलाई

एक बात का आपको जरूर ख्याल रखने की कोशिश करनी चाहिए कि जब आप ठंडे पानी में कपड़े धोने की कोशिश करते हैं, तो इससे बहुत ज्यादा ऊर्जा की बचत होती है, क्योंकि वॉशिंग मशीन में इस्तेमाल होने वाली कुल ऊर्जा का 90 प्रतिशत हिस्सा पानी गर्म करने में ही खर्च होता है। वहीं अगर आप पहले से बने इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट पसंद करते हैं, तो स्थानीय जीरो-वेस्ट रिफिल स्टेशनों का इस्तेमाल करें या घुलने वाली कंसंट्रेटेड क्लीनिंग टैबलेट (जैसे ब्लूलैंड जैसे ब्रांड की टैबलेट) खरीदें। इससे पानी की शिपिंग और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल कम किया जा सकता है।