ग्रामीण महिलाएं डिजिटल पैमेंट का उपयोग बड़े पैमाने पर कर रही हैं। हाल ही में इससे जुड़ी हुई एक जानकारी सामने आयी है, जो बताती है कि डिजिटल पैमेंट महिलाओं के लिए एक आसान पर्याय हो गया है। हाल ही में ‘वीमेन फाइनेंशियल इंडेक्स 2026’ ने इससे जुड़ा एक सर्वे किया है। यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि गांवों और छोटे शहरों में महिलाओं ने डिजिटल पैमेंट को अपनी सुविधा के अनुसार तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं।
इस सर्वे के अनुसार भारत के गांव और कस्बों में तकरीबन 40 प्रतिशत महिलाएं हर सप्ताह में एक से दो बार यूपीआई पैमेंट का इस्तेमाल करती हैं। एक तरह से यह महिलाओं के लिए सुविधाजनक और आसान पर्याय बन चुका है। उल्लेखनीय है कि वीमेन फाइनेंशियल इंडेक्स 2026 ने दस हजार महिलाओं से मिली हुई जानकारी पर प्राप्त हुआ है। ज्ञात हो कि यह महिलाएं ग्रामीण इलाकों में वित्तीय सेवाएं पहुँचाने का काम करती हैं।
यह महिलाओं खासतौर पर बैंकिंग और सेहत से जुड़ी सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाती हैं और एक खास भूमिका भी निभाती हैं। सर्वे में यह भी साफ तौर पर ज्ञात हुआ है कि गांव हो या शहर महिलाएं अपने घर की बचत कर्ता है। महिलाएं अपने घर की हर जरूरत को पूरा करने के साथ छोटी और बड़ी बचत पर भी खासतौर पर ध्यान देती हैं। इस सर्वे में यह भी ज्ञात हुआ है कि महिलाएं इस मामले में भी सक्षम हैं कि अपने बैंक खाते को खुद संभाल रही हैं। तकरीबन 70 प्रतिशत महिला बैंक और सेहत के मामले में महिला एजेंटों पर अधिक भरोसा करती हैं।