img
settings about us
  • follow us
  • follow us
write to us:
Hercircle.in@ril.com
terms of use | privacy policy � 2021 herCircle

  • होम
  • HERoes
  • bizruptors
  • कनेक्ट
  • एन्गेज
  • ग्रो

search

search
all
communities
people
articles
videos
experts
courses
masterclasses
DIY
Job
notifications
img
Priority notifications
view more notifications
ArticleImage
home / engage / प्रेरणा / ट्रेंडिंग

पर्यावरण सखी बनकर उत्तराखंड की महिलाएं बनीं प्रेरणा

टीम Her Circle |  June 23, 2026

पर्यावरण सखी बनकर उत्तराखंड की महिलाएं बनीं प्रेरणा

सफाई हमारे आस-पास के परिसर की हमारे शहर की और हमारे देश की छवि को प्रस्तुत करता है। इस छवि को बरकरार रखने में बहुत बड़ा योगदान है। उत्तराखंड के रामनगर की मिताली भी यही कार्य कर रही हैं और समाज में प्रेरणा बन गई हैं। वर्तमान में मिताली पर्यावरण को संरक्षित करने का कार्य कर रही हैं। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को भी इस कार्य में जोड़ रही हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।

अपने काम को लेकर मिताली का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले केवल 3 महिलाओं के साथ सफाई का काम शुरू किया और इसके बाद उन्होंने अपने साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी जोड़ा। वर्तमान में अपने कार्य के जरिए कई महिलाओं को मिताली ने प्रेरणा दी हैं। इसके कारण सफाई का यह कार्य 12 से अधिक ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है। मिताली ने सफाई को लेकर कहा है कि शुरू में उन्हें काफी समस्या होती रही है। लोग अपने घर के बाहर कूड़े को इधर-उधर फेंक देते थे। इसकी वजह से पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा था। शुरुआत में लोगों को समझाना और काम को पूरा करना हमारे लिए मुश्किल काम रहा है। लेकिन जैसे-जैसे महिलाएं सफाई के काम में सहभागी हो रही थीं, उसी के साथ सफाई का काम करना और लोगों को सफाई के महत्व को समझाना आसान हो गया। वर्तमान में इस कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया, इसका यह फायदा हुआ है कि 25 से अधिक महिलाएं पर्यावरण सखी के तौर पर काम कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि रिगोंड़ा , ढिकुली, क्यारी, हिम्मतपुर, सांवल्ले पूरब, पश्चिम , ढेला, लछमपुर के साथ कई अन्य जगहों पर पर्यावरण को सुरक्षित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही सफाई का कार्य करने के लिए महिलाओं को 100 रुपए के करीब का महीना शुल्क दिया जाता है। इससे महिलाओं की आजीविका भी होती है। कचड़ा उठाने के साथ महिलाएं कचड़ा उठाने वाली गाड़ी भी चलाती हैं। साथ ही हर घर को कूड़ा रखने के लिए बैग भी दिया जाता है। ज्ञात हो कि अपने इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण सखी की महिलाएं 1.30 लाख किलो का कूड़ा एकत्र कर चुकी हैं। 

शेयर करें
img
लिंक कॉपी किया!
edit
reply
होम
हेल्प
वीडियोज़
कनेक्ट
गोल्स
  • © herCircle

  • फॉलो अस
  • कनेक्ट
  • एन्गेज
  • ग्रो
  • गोल्स
  • हेल्प
  • हमें जानिए
  • सेटिंग्स
  • इस्तेमाल करने की शर्तें
  • प्राइवेसी पॉलिसी
  • कनेक्ट:
  • email हमें लिखें
    Hercircle.in@ril.com

  • वीमेंस कलेक्टिव

  • © 2020 her circle