खेती हो या फिर किसी तरह का बिजनेस ग्रामीण महिलाएं किसी भी तरह के बिजनेस में पीछे नहीं रहती हैं। साथ ही बड़ी हो या छोटी कंपनियां महिलाओं को रोजगार के नए अवसर लगातार मिल रहे हैं। रायबरेली की महिलाएं खुद को रोजगार के लिए काबिल बनाकर आत्मनिर्भरता की सीढ़ी लगातार चढ़ रही हैं। रायबरेली में प्रेरणा ओजस योजना के तहत एक 10 हजार के करीब महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, जो कि अपने आप में महिलाओं के साथ राज्य के लिए भी नया मुकान हासिल करना है।
ज्ञात हो कि प्रेरणा ओजस के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी तौर से निपुण बनाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत सोलर एनर्जी प्रोडक्ट असेंबलिंग यूनिक की स्थापना भी होगी। सोलर प्लांट से महिलाओं को जोड़ने के लिए सूर्य सखी योजना के तहत महिला सशक्तिकरण का कार्य खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में चलाया जा रहा है।
गांव की महिलाओं को इसे खासतौर पर जोड़ा जाएगा, जहां पर महिलाओं को कई तरह की तकनीक सिखाई जाएगी। एक खास तरह की ट्रेनिंग देकर महिलाओं को काम की पूरी जानकारी दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में महिलाओं को सोलर लैंप, सोलर पैनल और अन्य उपकरणों की स्थापना करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही महिलीओं को तकनीकी जानकारी भी जाएगी।
ट्रेनिंग के साथ महिलाओं को हर महीने एक तय की गई रकम भी वेतन के तौर पर दी जाएगी। इसके तहत प्रति महिलाओं को 4 हजार रुपए का मानसिक वेतन भी मिलता है। महिलाओ को ट्रेनिंग देने की योजना सभी 18 ब्लाकों में दी जाएगी। साथ ही 5000 वर्ग फुट में सरकारी भवन में यूनिट का सारा काम किया जाएगा। इसमें महिलाओं के लिए हर तरह की सुविधाएं दी जायेंगी। बड़ा हाल और रसोई के साथ शौचालय की भी सुविधा है, जो महिलाओं को सरल तरीके से सुविधाओं के साथ ट्रेनिंग देता है।