नीम को चमत्कारी पौधा माना जाता है और सेहत से जुड़े इसके कई सारे फायदे भी मौजूद हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि कई महिलाओं के लिए नीम आर्थिक आजादी भी लेकर आया है। कई महिलाएं ऐसी हैं, जो कि नीम के बीज यानी कि निंबोली संग्रहण करके करोड़ों का बिजनेस संभाल रही हैं। जी हां, मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र की महिलाएं आस-पास के गांव के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि साधारण के काम से भी हजारों की रकम कमाई जा सकती है। यहां की महिलाएं नीम के फल यानी कि निंबोली को जुटाने का काम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने हाल ही में 1 हजार टन निंबोलियों का संग्रहण करते हुए रिकार्ड कायम कर दिया है। यह महिलाएं निंबोलियों को 18 से 19 रुपए प्रति किलो के भाव से बेच रही हैं।
इन सभी निंबोलियों की मांग काफी अधिक है। इन नीम के बीजों को सौंदर्य के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी जुटाए गए निंबोलियों को सीधे तौर पर दक्षिण भारत के राज्यों में भेजा जाता है। इन निंबोलियों से खासतौर पर नीम का तेल, पाउडर और नीम की खल्ली भी तैयार की जाती है। साथ ही इन उत्पादों का उपयोग खेती में जैविक कीटनाशक के तौर पर भी होता है। त्वचा रोगों के लिए और दवाई बनाने के लिए भी नीम के बीज का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से बाजार में इसकी मांग काफी अधिक है। दिलचस्प है कि इस बिजनेस को करने के लिए महिलाओं को किसी निवेश की भी आवश्यकता नहीं है। साथ ही नीम के बीज की रक्षा करने के लिए खंडवा जिले में पर्यावरण की अहमियत भी समझी गई है। खंडवा जिले की महिलाओं द्वारा किया गया यह काम साबित करता है कि एक प्रयास आपका जीवन पूरी तरह से बदल सकता है और आपको अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बना सकता है।