वाराणसी की महिला ई-रिक्शा चालक बनीं आत्मनिर्भरता का उदाहरण
वाराणसी की 15 महिलाओं ने ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार के लिए मजबूत सहारा बनकर उभरी हैं। उन्होंने सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। यह सभी महिलाएं राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान के तहत शहर में कार्यान्वित की जा रही होली सिटी परियोजना के साथ साझेदारी कर रही हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
इस परियोजना के बारे में अमृता सिंह ने बताया कि होली सिटी परियोजना का शुभारंभ वाराणसी में 2 साल पहले हुआ था। इस योजना का लक्ष्य उन सभी महिलाओं को सशक्त बनाना था उनका जीवन स्तर निम्न रहता है। इस कार्य में शामिल अधिकांश महिलाएं स्थानीय महिलाएं हैं। अमृता ने यह भी बताया कि इनमें से अधिक महिलाएं अपने परिवार के पालन-पोषण का कार्य करती हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमारा उद्देश्य इन महिलाओं को वाराणसी आने वाले पर्यटकों को अपनी काशी दिखाने का अवसर देना है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटकों के लिए छोटी यात्रा आयोजित की जाती है। मंदिर, घाट और आरती दिखाई जाती है। प्रत्येक महिला को प्रति सवारी 500 रुपए का भुगतान भी किया जाता है। उन्हें टिप भी मिलती है।
इस तरह का सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। जनता और पुलिस से भी सहयोग मिलता है। हालांकि कई बार कुछ बाधाओं का सामना भी करना पड़ता है। लेकिन इसे महिलाएं नजरअंदाज कर देती है और अपने काम में डटीं रहती हैं। विदित हो कि वाराणसी की इन महिला ई-रिक्शा चालकों को मुफ्त ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। इसके जरिए सभी महिलाएं आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के मामले में दूसरों के लिए प्रेरणा का जरिया बन गई हैं।