बिहार में महिलाओं के लिए खास बस सेवा का विस्तार हो रहा है। साथ ही महिला चालकों और कंडक्टरों को सुरक्षा आवागमन और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च में ड्राइवरों के पहले बैच का प्रशिक्षण जारी है। इस केंद्र में वर्तमान में 21 महिलाएं बस को चलाने का कार्य सीख रही हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिलाओं को बस चालक बनने का कार्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह पहल एक व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत लगभग 255 महिला चालकों की आवश्यकता होने की रिपोर्ट सामने आयी है। राज्य के परिवहन विभाग के अनुसार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए भर्ती और प्रशिक्षण प्रयासों को बढ़ाया जा रहा है।
बिहार के परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में कहा है कि यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के लिए एक आदर्श रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में महिलाएं इन भूमिकाओं को निभाकर आत्मनिर्भर का उदाहरण पेश करेंगी।
ज्ञात हो कि पिंक बस सेवा वर्तमान में छह जिलों में चल रही है। जिसमें महिलाएं ड्राइवर और कंडक्टर दोनों पर्दों पर कार्यरत है। इस तरह से महिलाओं को आत्मविश्वास मिलता है और उन्हें आजाद होने के साथ खुद को आर्थिक तौर पर प्रबल करने का रास्ता भी मिलता है।