गांव से लेकर शहरों तक उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक तौर पर प्रबल बनाया जा रहा है। महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार स्टार्टअप में निवेश कर रही हैं और इसके साथ ही तरक्की भी कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार बीते कई सालों से इस कार्य को आगे बढ़ा रही है। निधि कार्यक्रम के अंतर्गत इस कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसकी शुरुआत साल 2016 में की गई। इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देना है। आइए जानते हैं विस्तार से।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत देश में कुल 714 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को सहायता प्रदान की जा चुकी है। साल 2017-2018 में 23 महिला स्टार्टअप को सहायता मिली। साल 2023-24 में 152, साल 2024 से 2025 में 140 और साल 2025-2026 में 84 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को इसका समर्थन दिया गया है।
इस योजना के जरिए महिलाओं को सरकार द्वारा स्टार्टअप शुरू करने के लिए शुरुआती स्तर पर सहायता दी जाएगी। फिलहाल प्रदेश में 25 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को निधि योजना के जरिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। इन सारी योजनाओं के जरिए महिलाओं को रोजगार के साथ खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए भी हौसला और आर्थिक सहायता मिल रही है।
राज्य सरकार ने प्रदेश में 7 टीबीआई और आईटीबीआई की स्थापना भी की है। इनका काम महिला स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन करना है। इसके जरिए महिलाओं को तकनीकी सलाह, व्यावसायिक रणनीति, कानूनी सहयोग प्रदान करना है। इसका फायदा उन महिलाओं को अधिक होता है जो कि छोटे शहरों और कस्बों में रहती हैं। उन्हें बल मिलता है,ताकि वह अपना स्टार्टअप बिना किसी सवाल और के शुरू कर पाएं।