वर्तमान दौर में यह बेहद जरूरी है कि लड़कियां अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाना बेहद जरूरी है, ऐसे में लखनऊ की उषा विश्वकर्मा ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है और सुरक्षा और आत्मरक्षा की कमान अपने हाथों में लेते हुए, उषा ने लखनऊ में 'रेड ब्रिगेड' नाम का एक संगठन बनाया और महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग दे रही हैं। आइए जानते हैं विस्तार सेउषा विश्वकर्मा भी उन लड़कियों से हैं, जो मानती हैं कि हर लड़की को अपनी सुरक्षा अपने ही हाथों में लेनी होगी, इसलिए उन्होंने 80,000 से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की कड़ी ट्रेनिंग दी है, जिससे वे समाज में बिना किसी डर के जी सकें। गौरतलब है कि उषा अपनी किशोरावस्था में खुद एक भयानक माहौल और स्थिति से बमुश्किल निकल पाई थीं और खुद को शिकार होने से बचाया था और उस वक़्त से ही उन्होंने ठान लिया था कि वह डर में जीने के बजाय दूसरी लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। इसलिए उन्होंने रेड बिग्रेड की शुरुआत की और लड़कियों को सेफ डिफेंस की शिक्षा देनी शुरू की। इस ग्रुप की खास बात यह है कि इनकी सदस्य एक खास तरह की पोशाक पहनती हैं। वे लाल रंग की कुर्तियां और काले रंग की पैंट, जो अपराधियों के लिए खतरे का और महिलाओं के लिए ताकत का प्रतीक है। वह कई तरह से ट्रेनिंग दे रही हैं और साथ ही आत्मरक्षा से जुड़े वर्कशॉप्स के अलावा, ‘रेड ब्रिगेड’ लखनऊ के संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक जगहों पर सक्रिय रूप से गश्त करती है, ताकि छेड़छाड़ करने वालों और परेशान करने वालों को रोका जा सके। खास बात यह है कि इस जमीनी आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, और इसने भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी इसी तरह के आत्मरक्षा के मॉडल शुरू करने की प्रेरणा दी।
*Image used is only for representational purpose.