हल्दी का बिजनेस महिलाओं के लिए बना आर्थिक वरदान
गांव की महिलाएं न केवल खेती में माहिर हैं, बल्कि देसी चीजों से भी कमाई का रास्ता खोज निकालती हैं। इन दिनों देसी हल्दी छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए रोजगार का अवसर लेकर आयी हैं। इससे महिलाएं लाखों की कमाई भी कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ढोलपखना गांव की महिलाएं पारंपरिक तरीके से हल्दी की खेती के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे सभी वाकिफ हैं कि बिना किसी मिलावट की हल्दी की मांग बाजार में काफी है और मिलावटी चीजों के बीच बिना किसी मिलावट के तैयार की गई हल्दी सबसे अधिक पसंद की जाती है। इसी का फायदा उठाते हुए छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने खुद हल्दी से बिजनेस करने का तरीका खोजा और उससे महीने में काफी अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
देखा जाए, तो यह महिलाएं आषाढ़ में हल्दी की खेती करती हैं और फिर गर्मी के मौसम में भाप से सुखाकर हल्दी को साफ तरह से तैयारकरती हैं। कम लागत में अधिक मुनाफा के साथ महिलाएं यह बिजनेस कर रही हैं। इससे गांव की अन्य महिलाएं भी इस काम में जुटी हैं और एक तरफ अपने घर की रसोई में हल्दी का इस्तेमाल कर रही हैं, तो वहीं बाजार में भी बढ़ती हुई मांग को देखकर हल्दी को तैयार कर बाजार में भेजने का काम कर रही हैं।
हालांकि जैसा हम बता चुके हैं कि हल्दी को तैयार करने का काम आषाढ़ से शुरू होता है, पहले हल्दी की बुवाई होती है और गाछी लगाकर हल्दी की फसल बोई जाती है। इस फसल को पूरी तरह से प्राकृतिक तरह से तैयार किया जाता है। खुदाई के बाद हल्दी को भाप पर पकाया जाता है और फिर धूप में सुखाकर पीसकर इसे पैक किया जाता है या फिर बोरे में भरा जाता है।