ग्रामीण महिलाएं किसी न किसी तरह खेती के क्षेत्र में भी खुद को पूर्ण रूप से आगेबड़ा रही हैं, मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की निवासी पपीता रावत ने खेती की एक बड़ी समस्यां का हल निकाल लिया है । यह जान लें कि उत्तर भारत में फसलों की कटाई में पराली जलाने की समस्यां हर किसान के लिए परेशानी बन कर आती हैं, ऐसे में पपीता रावत ने इस समस्यां का हल निकाल लिया है। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए एक समाधान दिया है जिसके मुताबिक पराली जलाना अब नहीं होगा, बल्कि पराली काका मशीन से किया जायेगा, इसमें उनकी मदद मशीन ने की है और इसका सारा काम उन्होंने स्वयं सहायता समूह से सीखा है। पराली के लिए स्ट्रा रीपर मशीन खरीदी गयी है और इस मशीन का काम यह है कि पराली को एक साथ जुटाकर उसे भूसे में बदलने का काम किया जायेगा, इसके साथउन्होंने सभी को यह भी समझाया कि पराली को जलने के काम में नुकसान अधिक है और ऐसा न करते हुए अगर पराली से भूसा बनया जाये, तो इससे अधिक कमाई हो सकती है.किसानों ने इसे अपनाया इसके कारण 600 बीघा खेती में पराली से भूसा बनाने का काम शुरू है इस तरह पशुओं को भी भूसे से चारा खाने मिल रहा है।