मध्य प्रदेश की सिया मरावी एक ऐसी महिला प्रेरणा हैं, जो 'नर्मदा ऑर्गेनिक खाद समिति' का नेतृत्व करती हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
मध्य प्रदेश की सिया मरावी एक ऐसी महिला प्रेरणा हैं, जो 'नर्मदा ऑर्गेनिक खाद समिति' का नेतृत्व करती हैं। उन्होंने 10 महिलाओं की एक टीम बनायी और सौर ऊर्जा से चलने वाली एक स्वचालित इकाई का उपयोग करके हजारों लीटर जैविक 'जीवामृत' और वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन किया, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है। बता दें कि एनजीओ प्रधान के सहयोग से किए गए उनके काम ने, उनकी 10 महिलाओं की टीम को इस क्षेत्र में टिकाऊ खेती का मुख्य आधार बना दिया है। यह सिस्टम सिर्फ चार दिनों में 2,000 लीटर तरल जैविक खाद तैयार कर सकता है, जबकि पारंपरिक रूप से यह प्रक्रिया बहुत धीमी और ज्यादा मेहनत वाली होती है। यह भी जान लें कि समिति ने बाजार से सीधे संपर्क स्थापित किए हैं, जिससे इन महिलाओं को बिचौलियों को दरकिनार करके अपनी बिक्री से होने वाले मुनाफे का ज्यादा हिस्सा अपने पास रखने का मौका मिला है। किफायती और असरदार जैविक विकल्प उपलब्ध कराकर, यह समिति स्थानीय किसानों को महंगे और मिट्टी की उर्वरता घटाने वाले रासायनिक उर्वरकों से दूर हटने में मदद करती है। वहीं इस उद्यम ने अपने सदस्यों की आय में काफी बढ़ोतरी की है, जिससे उनमें आर्थिक आत्मनिर्भरता और आधुनिक कृषि तकनीक पर महारत हासिल करने का आत्मविश्वास बढ़ा है। वाकई, ऐसी कई प्रेरणाओं की हमारे जीवन में उपस्थिति जरूरी है।
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