पूर्णिया की दो स्कूल की छात्राओं ने अपने ज्ञान से आविष्कार किया है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्रा दिव्या और शिप्रा ने रोबोटिक हाथ का आविष्कार किया और सभी को हैरान कर दिया है। केवल 2 हजार रुपए की लागत से और साथ ही में कोडिंग की सहायता से रोबोटिक वेलकम हैंड तैयार किया है। इस रोबोटिक हाथ की खूबी यह है कि यह सेंसर के जरिए सामने खड़े व्यक्ति को पहचानकर हाथ मिलाकर स्वागत और अभिनंदन करता है।
उल्लेखनीय है कि दिव्या और शिप्रा के लिए यह सफर आसान नहीं रहा है। दोनों ने इसके लिए काफी मेहनत की है और खुद को इसके काबिल बनाया है। किलकारी बाल भवन में एआई रोबोटिक्स की बारीकियां सीखने के बाद दोनों ने तकनीक का इस्तेमाल कर रोबोटिक हाथ का निर्माण किया है। पूर्णिया के मध्य विद्यालय की दो छात्राओं ने इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए आईयूनो , सर्वो मोटर, पावर बैंक और सेंसर का इस्तेमाल किया है। यह भी ज्ञात हो कि इस हाथ को काम करने के लिए दिव्या ने खुद कोडिंग की है। इस वजह से यह हाथ पूरी तरह से ऑटोमेटिक तरीके से काम करता है। जैसे ही कोई भी व्यक्ति इस हाथ के पास आता है, तो यह हाथ पहचान करते हुए अभिवादन में हाथ हिलाता है और सामने वाले व्यक्ति का स्वागत करता है। हालांकि इस हाथ को बनाने के पीछे एक बड़ी वजह सुरक्षा है।
जी हां, दिव्या ने बताया है कि कई लोग हाथ मिलाने से कतराते हैं, ताकि वह किसी भी तरह की बीमारी और संक्रमण से खुद का बचाव कर सकें। इस वेलकम हाथ को सार्वजनिक जगहों के साथ अस्पताल, स्कूल या फिर घर के दरवाजे पर भी लगाया जा सकता है। यहां तक कि डॉक्टरों के लिए यह तकनीक मददगार हो सकती है। दिलचस्प है कि इस हाथ को बनाने में केवल 2 हजार का खर्च हुआ है, जो कि काफी किफायती है। फिलहाल दिव्या और शिप्रा का यह प्रोजेक्ट केवल एक डेमो है और भविष्य में इसे और भी एडवांस तरीके से पेश किया जाएगा।