महिलाओं के लिए हर तरह का काम मुमकिन है। हाल ही में खासतौर पर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने हर तरह के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए इसे साबित भी किया है। उत्तराखंड के बागेश्वर की एक महिला ने भी कुछ ऐसा कर दिखाया है कि लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। सरिता पपोला बागेश्वर की पहली डिलीवरी महिला बन गई हैं।
बागेश्वर जिले की सरिता पपोला ने अपनी मेहनत और जज्बे से ऐसा काम कर दिखाया है, जिसे अक्सर पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। सरिता डिलीवरी का सामान घर पहुंचाने का काम करती हैं। हालांकि सरिता के जीवन का सफर भी वहीं से शुरू हुआ जहां से एक सामान्य महिला का होता है। लेकिन जैसा कि कहा जाता है महिलाएं सामान्य नहीं होती हैं। हर महिला अगर अपनी चाह को आगे रख कर चलती हैं, तो सपनों की उड़ान लेती हैं। सरिता ने भी यही किया। अपने घर की जिम्मेदारी संभालने के साथ सरिता ने खुद को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया और एक एनजीओ के साथ जुड़कर काम करना शुरू किया। एनजीओ के साथ काम करने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा और खुद के बल पर आगे बढ़ने का फैसला भी उन्होंने लिया।
इसके बाद उन्होंने खुद के बल पर आगे बढ़ते हुए सामान के डिलीवरी करने की नौकरी अपनाई। शुरू में उन्हें इससे काफी समस्या हुआ लेकिन बाद में उन्होंने भागदौड़ करके चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने अपने समय का उपयोग किया और बिना किसी झिझक के उन्होंने घर-घर जाकर डिलीवरी करके का काम शुरू किया।
अपने इस काम को लेकर सरिता का कहना है कि काम छोटा या बड़ा नहीं होता, इसके लिए केवल हौसले की जरूरत होती है। सिर्फ मेहनत और ईमानदारी आपको कहीं पर भी आगे लेकर जा सकती है। अगर महिला ठान लेती है, तो वो सब कुछ कर सकती है। विविद हो कि अपने इस हौसले के साथ सरिता ने अन्य महिलाओं तक सामान के साथ प्रेरणा भी पहुंचा रही हैं।