हर महिला के जीवन में एक सहेली का होना जरूरी है। सहेली ऐसी खास होनी चाहिए, जो कि आपके सेहत को लेकर मागर्दशन करें। साथ ही आपके लिए सुरक्षा कवच भी बनाएं। बिहार के स्कूलों में सहेली कक्ष बनाया गया है, जो कि लड़कियों के लिए कई तरह की सुविक्षा लेकर आता है। बिहार के गयाजी के प्लस टू हाई स्कूल में 10 वीं की छात्राओं के लिए यह सुविधा लाई गई है। यहां की लड़कियों को खासतौर पर सुरक्षा कक्ष में कई तरह की सेहत की जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं।
इससे छात्राओं को कई तरह से लाभ मिलता है। इस स्कूल की छात्रा अनन्या शर्मा बताती हैं कि सहेली कक्ष में पीरियड्स के दिनों में हम बैठकर आराम कर सकते हैं। सहेली कक्ष जैसी सुरक्षा एक तरह से उन्हें विश्वास दिलाती है। अनन्या यह भी बताती है कि ग्रामीण परिवेश से आते हैं, हमारे यहां आज भी इन बातों को बताने से संकोच होता है और स्कूल में सहेली कक्ष होने से हमें कई तरह की सुविधा के साथ आराम भी मिलता है।
ज्ञात हो कि बिहार का सहेली कक्ष खासतौर पर राज्य सरकार की तरफ से स्कूलों में यूनीआएसीईएफ की सहायता से लड़कियों के लिए एक सुरक्षित जगह बनाई जाती है। यह सहेली कक्ष पीरियड्स के दौरान होने वाली तकलीफ में छात्राओं के लिए आराम लेकर आती है। इसके साथ सहेली कक्ष में बेड, कुर्सियां, सैनिटरी पैड , वेंडिग मशीन और दवाइयां भी मौजूद रहती है। इसके अलावा हीमोग्लोबिन टेस्ट की भी सुविधा दी जाती है। पीरियड्स के दौरान लड़कियों के लिए काउंसलिंग की भी सुविधा मौजूद है। साथ ही पीरियड्स का महत्व बताने के लिए कई तरह के स्लोगन भी स्कूल के दीवारों पर लिए गए हैं।