महिलाएं न सिर्फ खुद की आमदनी का रास्ता तलाश कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के साथ मिलकर सफलता की कहानी लिख रही हैं और महिला सशक्तिकरण का परिचय भी दे रही हैं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सरिता यादव ने यही कर दिखाया है। सरिता मशरूम, मिलेट्स और सहजन जैसी फसलों की खेती के माध्यम से अपनी आय में बढ़त की है। आइए जानते हैं विस्तार से।
सीतापुर जनपद के मछरेटा ब्लॉक के उमरापुर की निवासी सरिता यादव ग्रामीण महिलाओं के लिए मसीहा बन गई हैं। हालांकि उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। खेती से जुड़ने के लिए और व्यवसाय करने के लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग ली है। इसके बाद उन्होंने अपने घर से पोषण वाटिका की शुरुआत की। अपने बनाए हुए पोषण वाटिका में सरिता ने लौकी,कद्दू, तुरई, भिंडी के साथ हर बार मौसमी सब्जियों की खेती करती हैं।
दिलचस्प है कि उन्होंने खेती के लिए तरीका भी सेहतमंद अपनाया है। गोबर की खाद, बीजामृत, जीवामृत और कम्पोस्ट खाद का उपयोग कर रही हैं। साथ ही मशरूम, मिलेट्स, सहजन की भी खेती लगातार कर रही हैं और इसकी मांग भी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही सेहत को ध्यान में रखते हुए और बढ़ती हुई मांग को देखते हुए मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, मिलेट्स से बने उत्पाद का उपयोग करती रही हैं। अपने व्यवसाय के सफर में सरिता ने एक सराहनीय कदम भी उठाया है।स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी प्रशिक्षित और प्रेरित कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने 100 से अधिक महिलाओं को पोषण वाटिका अपनाने के साथ मिलेट्स के उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं।