ग्रामीण इलाकों में महिलाएं किसी न किसी तरह खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत करने का सराहनीय कार्य लगातार कर रही हैं। इसी फेहरिस्त में एक प्रेरणादायी नाम ओमवती की महिलाओं का भी आता है। राजस्थान के भरतपुर की जिले की ओमवती ने न केवल खुद के लिए बल्कि कई महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि केवल तुलसी की माला बनाकर ओमवती हर महीने 20 से 30 हजार रुपए की कमाई कर रही हैं। साथ ही अपने परिवार को आर्थिक तौर पर मजबूत भी कर रही हैं।
ओमवती ने अपने प्रेरणादायी सफर के बारे में बताया है कि सबसे पहले वह बाजार से तुलसी खरीदती हैं और फिर इससे माला बनाती हैं। सालों से वह इस कार्य को करते हुए आ रही हैं। उनके तुलसी की माला की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि उनके मालाओं की मांग न केवल भरतपुर में है बल्कि मथुरा, वृंदावन, काशी हरिद्वार जैसे कई सारे तीर्थ स्थलों पर लोकप्रिय है। इससे सभी वाकिफ हैं कि धार्मिक कार्यों में और धार्मिक स्थलों पर तुलसी की माला का और तुलसी का अधिक उपयोग किया जाता है। काबिले तारीफ है कि ओमवती ने खुद को आर्थिक तौर पर प्रबल बनाया है और इसके साथ ही उन्होंने अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी तुलसी के जरिए रोजगार के नए साधन शुरू कर दिए हैं। बीते कई सालों से भरतपुर ब्रज क्षेत्र है, एक धार्मिक स्थान होने के कारण यहां पर तुलसी की माला की काफी मांग है। ओमवती अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी तुलसी की माला बनाने के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं और इससे इन सभी महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिला है।