बदलते वक्त के साथ महिलाएं भी अपने पंख फैला रही हैं और किसी न किसी तरह से अपनी कला को जीवित रखने का काम भी कर रही हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया मैनपुरी की नीलम ने। जी हां, नीलम ने अपने घर से ही सॉफ्ट टॉय बनाने का कार्य शुरू किया है। किसी बच्चे के जीवन में खुशियां भरने के साथ इस तरह उन्होंने अपने जीवन में भी आर्थिक तौर पर संपन्नता हासिल कर रही हैं। साथ ही अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बगवंतपुर गांव की निवासी नीलम को बचपन से खिलौनों से खेलने और उन्हें बनाने का शौक था और इसी शौक को अपना सपने बनाने का रास्ता उन्हें एक वक्त के बाद मिला। नीलम ने अपने बिजनेस के शुरुआत को लेकर बताया कि उन्हें बचपन से टेडी बियर बहुत पसंद थे। साल 2022 में अपने गांव में मौजूद स्वयं सहायता समूह से उनका जुड़ाव हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। स्वयं सहायता में मौजूद महिलाओं से मुलाकात कर उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई और पता चला कि महिलाएं घर से ही किसी न किसी तरह का व्यापार कर रही हैं और खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत कर रही हैं। उन्होंने भी खुद के पैरों पर खड़ा होने का फैसला किया। हालांकि उनके पास परिवार संभालने की जिम्मेदारी के साथ बच्चों की परवरिश भी करनी थी, ऐसे में उन्होंने अपना हौसला नहीं हारा। घर के बाहर आकर उन्होंने खुद के लिए समय निकाला और पंद्रह दिन की ट्रेनिंग का मौका मिला। मैनपुरी में जिजई मोड़ के पास मौजूद एक सेंटर में सॅाफ्ट टॅाय बनाने का प्रशिक्षण लिया।
इस ट्रेनिंग के दौरान उनकी सोच बदली। उन्होंने यहां पर टैडी बियर बनाने का पूरा काम सीखा। खुद को इसमें माहिर किया और खुद का बिजनेस शुरू करने का कार्य शुरू किया। इसके लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार से लोन मिला। आसान किस्त सुविधा के साथ उन्होंने इस लोन को लिया और अपने बिजनेस की नींव रखी। जैसे उनके बिजनेस ने रफ्तार पकड़ी, तो उन्होंने अन्य महिलाओं को भी अपने काम के साथ जोड़ा। नीलम का मानना है कि गांव की महिलाओं को आगे आकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए और खुद को एक मौका देना चाहिए। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और साथ ही उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।