बिहार की रहने वाली रमा कुमारी ने अपनी सूझ - बूझ से मशरूम के व्यवसाय को नयी पहचान दी है और फिर लाखों में कमाई करके शानदार काम किया है। आइए जानते हैं विस्तार से।
रमा कुमारी भी अगर यह मान कर बैठतीं कि वो जहां रहती हैं, वहां कोई सुविधाएं तो हैं नहीं और संसाधन भी सीमित हैं, तो वहां क्या ही काम कर पाएंगी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने अपने मस्तिष्क का सही से इस्तेमाल किया और आगे बढ़ीं। उन्होंने महज 120 रुपये के मशरूम के व्यवसाय को लाखों में पहुंचा दिया और उसका फायदा यह हुआ कि वह एक मिसाल बन गयीं। उन्होंने महज 120 की ऑनलाइन खरीदारी से शुरू करके 'तुलसी स्पॉन लैब' नाम का एक बहुत सफल व्यवसाय खड़ा किया, जिससे अब उनकी सालाना ₹36 लाख की कमाई होती है। गौरतलब है कि अब वह एक सफल व्यवसायी के रूप में जानी जाती हैं और हर कोई उन्हें पसंद करता है और उन्हें एक मिसाल मानता है। बता दें कि उन्होंने 1 किलो ऑयस्टर मशरूम स्पॉन (बीज) का इस्तेमाल करके घर पर 5 ग्रो बैग्स से खेती शुरू की, जिससे 12 किलो मशरूम मिला। उन्होंने अपनी सूझ - बूझ से यह भी दिमाग लगाया कि वह एक स्थानीय एक्सपर्ट से जुड़ीं, और उन्होंने 25,000 में एक व्यवस्थित ग्रो-रूम बनाया, और 22 किलो बीज से 200 किलो मशरूम की सफल पैदावार की, जिसे 40 हजार में बेच दिया और फिर औपचारिक शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर किया। साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर सप्लाई की कमी को देखते हुए, उन्होंने और उनके पति ने समस्तीपुर के पूसा यूनिवर्सिटी से औपचारिक ट्रेनिंग पूरी की। अगर उनकी शुरुआत की बात की जाए, तो उन्होंने अपनी ₹16 लाख की बचत से मुज़फ़्फ़रपुर की पहली मशरूम स्पॉन लैब 10x12 फ़ीट के कमरे में शुरू की। इसका बड़ा असर यह रहा कि शुरुआती बैच में खराबी (कंटैमिनेशन) की समस्या से उबरने के बाद, उनका बिज़नेस 'तुलसी स्पॉन लैब' अब हर महीने 2 टन स्पॉन बनाता और बेचता है। वह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाती हैं। वाकई, रमा एक मिसाल हैं।
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