जैविक खेती का चलन इन दिनों काफी तेजी से शुरू है। इसी फेहरिस्त में शामिल होकर महिलाएं भी खुद को आर्थिक तौर पर प्रबल करने का काम तेजी से कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने गाय के गोबर और फूल-पत्तियों के साथ जैविक अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया है। आइए जानते हैं विस्तार से।
यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार को संभाल रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। मुरादाबाद की कुछ महिलाएं सामूहिक तौर पर काम करते हुए जैविक अगरबत्तियां बनाने का काम कर रही हैं।
इस काम को शुरू करने के लिए उन्होंने 10 हजार की लागत से यह काम शुरू किया। इस समूह की अध्यक्ष कुमारी अंशु चौहान ने अपने काम के बारे में भी जानकारी दी है। उनका कहना है कि जैविक तरीके से धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने का काम काफी समय से किया जा रहा है। इस समूह से 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। आज यह सभी महिलाएं मिलकर 5 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर रही हैं।
अंशु यह स्वीकार करती हैं कि उनके साथ बाकी महिलाओं को भी खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ खुद का पालन-पोषण करने का भी अवसर मिल रहा है। इन महिलाओं द्वारा बनाई गई जैविक अगरबत्ती की काफी अधिक मांग है। ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद और जसपुर के साथ और भी कई जगह से धूपबत्ती और अगरबत्ती का आर्डर उन्हें मिल रहा है। इस काम को करने पर हर महीने 15 हजार से अधिक की कमाई हर महीने करती हैं।