मिलेट्स केवल सेहत के लिए लाभकारी नहीं बन रहा है, लेकिन कई ग्रामीण और शहरी महिलाओं के लिए आजीविका का भी रास्ता खोल रहा है। खासतौर पर छोटे शहर और गांव में रहने वाली महिलाओं के लिए मिलेट्स ने सफलता के रास्ते खोल दिए हैं और खुद के पैरों पर खड़े होने की राह दिखाई है। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की महिलाओं ने इसे सही तरीके से साबित कर दिखाया है। घर की रसोई से अपने हुनर की कहानी इन महिलाओं ने लिखी हुई है।
इन सभी महिलाओं ने साथ में मिलकर मिलेट्स के सेहतमंद बिस्किट बनाने का कार्य किया है। रागी के आटे से मिठाई और मल्टीग्रेन दलिया और मल्टीग्रेन आटा बनाने का भी काम शुरू किया है। इसकी मांग भी काफी है। इस वजह से इनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है। खेड़ी गांव की महिलाएं रागी के साथ कई सारे स्वाद भरे फ्लेवर को मिलाते हुए 2 से 3 फ्लेवर में बिस्किट बनाती हैं।
इसमें चॅाकलेट फ्लेवर की मांग सबसे अधिक होती है और बच्चों के लिए यह एक प्रकार से सेहत पर्याय बन गया है। रागी के बिस्किट के अलावा आटे के बिस्किट, मल्टीग्रेन आटा और दलिया भी यह महिलाएं बनाती हैं और इनकी मांग भी काफी अधिक है। खासतौर पर इस व्यवसाय को एक साथ 30 से अधिक महिलाएं मिलकर चलाती हैं और बड़े पैमाने पर सेहतमंद स्नैक्स और आटा तैयार किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण भागों में मिलेट्स का कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी श्री अन्न यानी कि मिलेट्स को अधिक बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर बिजनेस शुरू करने के लिए राज्य सरकार की तरफ े से सहायता राशि भी दी जाती है। स्वयं सहायता समूह की मदद से मिलेट्स का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी महिलाओं को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण मुहैया कराई जा रही है।