पलक गौर ने अब बस्ती की सफाई का जिम्मा खुद उठाया है। आइए जानें विस्तार से
पलक गौर ने अब बस्ती की सफाई का जिम्मा खुद उठाया है। जी हां, पलक गौर कमाल कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के कानपुर इलाके से संबंध रखती हैं। 19 वर्षीय पलक गौर वह हैं, जो स्वच्छता के लिए संघर्षरत हैं और खुद कानपुर की "मलिन बस्ती" (झोपड़पट्टी) की सफाई करती हैं और उचित स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। दरअसल, उन्होंने एक दिन देखा कि कितनी गंदगी उनके आस-पास है, ऐसे में उन्होंने सबको मनाना चाहा कि हमें अपनी बस्ती की सफाई करनी चाहिए। शुरू में उनकी बात किसी ने भी नहीं सुनी। लेकिन फिर उन्होंने खुद ही काम करने का निर्णय लिया। उन्होंने ठाना कि सफाई के दृष्टिकोण से वह अपनी जगह और अपनी बस्ती की स्थिती को बेहतर करेंगी और इस काम के लिए उन्होंने खुले में शौच रोकने के लिए एक सतर्कता समूह का गठन किया और 45 परिवारों के लिए शौचालयों के निर्माण में सहायता प्रदान की, जिसके लिए उन्हें स्थानीय जिला अधिकारियों से सराहना मिली। यही नहीं, शुरुआत में उन्होंने लगभग छह घंटे और 20 से अधिक चक्कर लगाने के बाद भी उन्होंने अकेले ही अपनी बस्ती की सफाई का काम पूरा किया। अपने घर के बाहर कूड़े के ढेर की सफाई करके उन्होंने इस काम की शुरुआत की। हालांकि उनके पिता शुरू में अपनी बेटी को ऐसा करने देने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने सपोर्ट किया। उन्होंने इस बात को माना कि वह एक अच्छा काम कर रही हैं। फिर इन्होंने ठाना कि वह दूसरों को भी अपने इस मिशन में शामिल करेंगी। फिर उनका साथ उनके कई दोस्तों ने दिया और यह सफाई अभियान कामयाब रहा। पलक सिर्फ इतना ही नहीं करती, बल्कि बस्ती के लोगों को सरकारी स्वच्छता कार्यक्रम के तहत मिलने वाले उनके अधिकारों के बारे में बताकर उनकी मदद भी करती हैं और लोगों को जागरूक भी करती हैं। बस्तियों में टॉयलेट बने, इसके लिए भी वह लगातार मुहिम चला कर कामयाबी भी हासिल कर रही हैं।
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