मिलिए बिहार की उद्यमी और कलाकार नूतन झा से, जो पारंपरिक कला का इस्तेमाल करके सामाजिक बदलाव लाने वाली ग्रामीण उद्यम का एक बेहतरीन उदाहरण हैं। आइए जानें विस्तार से।
कला भी इंसान को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है और सामजिक बदलाव में भी इनकी अहम भूमिका होती है, ऐसे में बिहार से संबंध रखने वालीं नूतन झा ने भी अपनी कला से कमाल का काम करने का निर्णय लिया और उन्होंने यह कमाल कर भी दिखाया है, वह कुछ इस तरह हुआ है कि नूतन झा ने वर्ष 2018 में बिहार के झंझारपुर, जो कि मधुबनी जिला में आता है, उसी के खर्राक गांव में एक रजिस्टर्ड माइक्रो-एंटरप्राइज के तौर पर ‘नूतन क्रिएशन्स’ की स्थापना की। गौरतलब है कि यह एंटरप्राइज मधुबनी (मिथिला) पेंटिंग, कढ़ाई और सिक्की क्राफ्ट में माहिर है। वहीं नूतन क्रिएशन्स हाथ से पेंट किए हुए कपड़े (साड़ी, कुर्ती), घर की सजावट का सामान, मिट्टी के बर्तन और इको-फ्रेंडली सिक्की घास के गिफ्ट बॉक्स सहित कई तरह की चीजें बनाती हैं। वही स्किल-बिल्डिंग के अलावा, वह ग्रामीण कारीगरों की पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और मार्केटिंग पर भी ध्यान देती हैं, ताकि सीमित औपचारिक शिक्षा वाले कई कारीगर ग्लोबल मार्केट तक पहुंच सकें। उल्लेखनीय है कि इसकी स्थापना नूतन झा द्वारा की गई थी, जो एक प्रशिक्षित कलाकार और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देना और मिथिला कला को आधुनिक बाजार से जोड़ना है। इसकी स्थापना नूतन झा द्वारा की गई थी, जो एक प्रशिक्षित कलाकार और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देना और मिथिला कला को आधुनिक बाजार से जोड़ना है। गौरतलब है कि उनके द्वारा प्राकृतिक सुनहरी घास से बने सजावटी सामान जैसे कीचेन, हाथी और अन्य एक्सेसरीज काफी लोकप्रिय हैं और साथ ही वस्त्र की बात करें तो हाथ से पेंट की हुई साड़ियां, कुर्तियां और इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन कपड़े लोकप्रिय हैं।
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