मिलिए केरल की 45 वर्षीय जामी साजी से, जो कटहल के बीजों से कॉफी बना रही हैं। आइए जानें विस्तार से।
आपने तरह-तरह की कॉफी पी होगी, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कटहल के बीज से भी कॉफी बनाई जा सकती है। ऐसा कुछ कमाल कर दिखाया है केरल की जामी साजी ने। जी हां, उन्हें यह अनोखा आइडिया आया, तो उन्होंने इसे एक अच्छा आकार दिया। दरअसल, वर्ष 2019 में, कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक कक्षा के दौरान, केरल के वायनाड की गृहिणी जामी ने पाया कि कटहल के अनेकों लाभों के बावजूद, भारत में इसकी बहुत बर्बादी होती है। तो उन्होंने इसका पायसम बनाना शुरू किया, जो कटहल के बीजों को सुखाकर और पीसकर बनाया जाने वाला दक्षिण भारतीय व्यंजन है, और इसे अपने पड़ोसियों और परिचितों के साथ साझा करने लगीं। फिर उनकी रेसिपी बहुत लोकप्रिय हुई और उन्हें इस व्यंजन के लिए ऑर्डर मिलने लगे। इस तरह उनके स्टार्टअप की शुरुआत हुई, जिसने 45 वर्षीय जामी को एक गृहिणी से उद्यमी बना दिया। उन्होंने अपनी कंपनी, होली क्रॉस इंडस्ट्रीज की स्थापना की और कटहल से विभिन्न उत्पाद बनाकर छोटे किसानों का समर्थन करना शुरू किया। जामी , होम मेकर से कृषि उद्यमी बनीं। बता दें कि वह खुद किसानों से कटहल के बीज एकत्र करती हैं, ताकि वे बिना किसी प्रिजर्वेटिव के स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद जैसे इंस्टेंट पायसम, कॉफी पाउडर और डोसा मिक्स बना सकें। गौरतलब है कि कटहल वायनाड में सबसे अधिक उगाए जाने वाले फलों में से एक है। लेकिन यह केवल गर्मियों के मौसम में ही उपलब्ध होता है। हालांकि, इसकी बर्बादी बहुत अधिक होती है, इसलिए इसे स्टोर करके पूरे साल इस्तेमाल करने का विकल्प हमेशा मौजूद रहता है। इसी विचार से जामी को कटहल और उसके बीजों से बने उत्पादों को तैयार करने और बेचने वाली कंपनी स्थापित करने का विचार आया। फिर जामी और उनके पति ने बीजों को साफ करने और पाउडर बनाने वाली मशीनों की तलाश शुरू की। लेकिन उन्हें मनचाही मशीन नहीं मिली, जिसके चलते उन्होंने अंतत: एक मशीन को अपनी जरूरत के हिसाब से बनवाया। आखिरकार, उसी साल जामी ने होली क्रॉस इंडस्ट्रीज की स्थापना करके एक उद्यमी के रूप में कदम रखा। यह उद्यम कटहल के उपयोग से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाकर कटहल किसानों की सहायता करता है। वाकई, महिलाएं किस कदर शानदार काम कर रही और वह भी कई तरह के यूनिक आइडियाज के साथ।
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