खेती हमेशा से ही ग्रामीण महिलाओं को बल देती रही है। इसी फेहरिस्त में कई ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जो कि घर से काम करके खेती के जरिए पर्यावरण के हित में रहते हुए खुद के लिए रोजगार के अवसर भी खोज पा रही हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ा बोंदर की महिला किसान श्रीमती लक्ष्मीबाई कुशवाहा का नाम भी इसमें शामिल है। आइए जानते हैं विस्तार से।
पॉलीहाउस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लक्ष्मीबाई ने हर महीने लाखों की कमाई का जरिया तलाश कर लिया है। हालांकि गुलाब की खेती से पहले लक्ष्मीबाई 3 हजार वर्ग फीट के क्षेत्र में केवल धान, गेहूं और सोयाबीन की खेती पर निर्भर रहती थीं। इन सबकी खेती से केवल उनका गुजारा होता था। लेकिन उन्हें साल 2021 के दौरान राष्ट्रीय विकास परियोजना के तहत खेती को नए तरीके से सीखने के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी खेती का विस्तार करने का फैसला लिया और 3 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में पॉलीहाउस का निर्माण करवाया। इस खेती को करने के लिए उन्हें राज्य सरकार से तकरीबन 13 लाख का अनुदान भी मिला।
पारंपरिक खेती को पीछे छोड़ते हुए लक्ष्मीबाई ने फैसला किया कि उन्हें फूलों की खेती पर फोकस करना है। गुलाब के साथ लक्ष्मीबाई ने अन्य फूलों की खेती भी शुरू की। खेती से उन्हें बीते कई सालों में काफी अच्छा मुनाफा हुआ है। गुलाब के अलावा पॉली हाउस में तैयार होने वाले अन्य फूलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। उन्हें प्रतिदिन 3 से 4 हजार कट फ्लावर का उत्पादन हो रहा है। बढ़ते हुई मांग को देखते हुए इन सभी फूलों को इंदौर के साथ मध्यप्रदेश के अनेक शहरों तक भी सप्लाई किया जा रहा है। लक्ष्मीबाई को ताजा फूलों के कई आर्डर भी आते हैं और इससे हर दिन 13 हजार तक की कमाई उनके खाते में आ जाती है। देखा जाए, तो सिर्फ फूलों की खेती से लक्ष्मीबाई हर महीने 3 से 4 लाख रुपए की कमाई आसानी कर लेती हैं