पोषक आहार बनाने का बिजनेस इन दिनों काफी चलन में है। बुंदेलखंड की झांसी की रहने वाली वेदांती नगरिया ने भी इसकी शुरुआत की है और इसके लिए उन्होंने अपनी मुंबई की नौकरी को अलविदा कह दिया है और बुंदेलखंड में कठिया गेहूं की दलिया बनाने की शुरुआत की है। उल्लेखनीय है कि कठिया गेहूं पूरी दुनिया में लोकप्रिय है और यह खास तौर पर साधारण दलिया से काफी अलग होता है। इसका रंग लाल होता है।
कुछ समय पहले बुंदेलखंड के इस गेहूं को जीआई का टैग भी मिला है। यह लाल रंग का पौष्टिक गेहूं खासतौर पर अपने स्वाद के लिए भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कमजोर शरीर वालों के लिए यह दलिया बेहद उपयोगी होता है। साथ ही इसे दूध, दही या दाल के साथ भी खाया जाता है। ज्ञात हो कि वेदांती के पिता काफी समय से बिजनेस कर रहे हैं और ऐसे में बिजनेस का सारा गणित वेदांती ने अपने पिता से सीख रखा है।
इसका फायदा उन्हें यहां पर भी पहुंचा है। वेदांती ने इस वजह से बढ़ते हुए मांग को देखते हुए कठिया गेहूं को बेचने का कारोबार शुरू किया। इसके साथ कोल्ड प्रेस्ड सरसों का तेल भी लांच किया है। वेदांती ने इस कठिया गेहूं का काम शुरू करने के लिए किसानों से कनेक्ट किया है और उन्हीं के साथ मिलकर अपने इस पौष्टिक बिजनेस को आगे बढ़ा रही हैं। बीते कुछ दिनों से उनके इस गेहूं की मांग में काफी इजाफा हुआ है। बुंदेलखंड के साथ उनका यह गेहूं हमीरपुर, झांसी, महोबा और ललितपुर में बड़े पैमाने में उगाया जाता रहा है।